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भास्कर न्यूज | जामताड़ा जामताड़ा जिले में इन दिनों बिना लाइसेंस संचालित आरओ वॉटर प्लांटों का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 30 वाटर प्लांट बिना किसी वैध अनुमति और गुणवत्ता जांच के संचालित हो रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में लोगों को शुद्ध पानी के नाम पर असुरक्षित पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार जिले के कई क्षेत्रों में छोटे-बड़े आरओ प्लांट बिना खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर निकाय अथवा स्वास्थ्य विभाग की स्वीकृति के चल रहे हैं। इन प्लांटों में न तो पानी की नियमित जांच कराई जा रही है और न ही स्वच्छता मानकों का पालन हो रहा है। कई जगहों पर सामान्य बोरिंग के पानी को मामूली फिल्टरिंग कर “मिनरल वाटर” के नाम से बेचा जा रहा है। स्वास्थ्य जानकारों का कहना है कि अत्यधिक आरओ फिल्ट्रेशन से पानी में मौजूद शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम की मात्रा कम हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से हड्डियों की कमजोरी, थकान, ब्लड प्रेशर और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। नहीं की जाती पानी की गुणवत्ता जांच जिले में संचालित अधिकांश आरओ प्लांटों के पास वैध लाइसेंस नहीं है। कई संचालक बिना किसी तकनीकी जानकारी के पानी का व्यवसाय कर रहे हैं। पानी की गुणवत्ता जांच के लिए न तो नियमित लैब टेस्ट कराया जा रहा है और न ही मशीनों का रखरखाव सही ढंग से किया जा रहा है। आरओ की प्रक्रिया पानी से केवल अशुद्धियां ही नहीं, बल्कि शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम को भी छानकर निकाल देती है। लंबे समय तक मिनरल रहित पानी पीने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन की समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम की कमी से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। आरओ का पानी शरीर में विटामिन बी-12 के स्तर को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। आरओ का पानी अक्सर थोड़ा अम्लीय हो जाता है, जिससे कुछ लोगों को गैस या एसिडिटी की शिकायत हो सकती है। इसके लंबे समय तक सेवन से याद्दाश्त कमजोर होना, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी जुड़ी हो सकती है। बताया कि पीने के पानी का टीडीएस 100 से 300 एमजी/लीटर के बीच होना चाहिए। प्रतिदिन चार हजार लीटर पानी की बिक्री जामताड़ा शहर समेत नारायणपुर, करमाटांड़, कुंडहित और अन्य क्षेत्रों में प्रतिदिन 3000 से 4000 हजार लीटर पानी की सप्लाई हो रही है। एक जार पानी 25 से 30 रुपये तक में बेचा जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ इस कारोबार में और तेजी आई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जिले में संचालित सभी आरओ प्लांटों की जांच कराने और बिना लाइसेंस चल रहे प्लांटों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि पानी जैसे जरूरी संसाधन में लापरवाही सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है, इसलिए प्रशासन को नियमित जांच अभियान चलाना चाहिए।
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बिना लाइसेंस के जिले में धड़ल्ले से चल रहे आरओ वॉटर प्लांट















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