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नर्मदापुरम के रसूलिया स्थित ईसाप स्मॉल फाइनेंस ब्रांच में 53.14 लाख रुपए के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक के पूर्व मैनेजर और महिला कैशियर ने 103 महिला खाताधारकों के नाम पर फर्जी लोन निकालकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। प्रबंधन की शिकायत पर जब पु
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गबन की यह वारदात 1 जनवरी 2021 से 11 नवंबर 2024 के बीच अंजाम दी गई। आरोपियों ने महिला समूहों की सदस्यों के नाम पर लोन निकाला और राशि खुद हड़प ली। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब महिलाओं के मोबाइल पर लोन की किश्त जमा करने का मैसेज आया। इसके बाद खाताधारकों ने जब बैंक पहुंचकर पूछताछ की, तो गबन की सच्चाई सामने आई।
फर्जी हस्ताक्षर कर बताया- ‘लोन निरस्त हो गया’ ईसाप स्मॉल फाइनेंस के वर्तमान मैनेजर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी ओमपुरी माइक्रो लोन ब्रांच का मैनेजर और प्रियंका गोस्वामी कैशियर थी। उन्होंने बताया, “बैंक संस्था में कार्यरत रहते हुए आरोपियों ने ऋण के संबंध में पर्ची पर ग्राहकों के जाली हस्ताक्षर किए। वे ग्राहकों को लोन निरस्त होने की गलत सूचना देते थे और फिर उनकी लोन राशि को बिना बताए हड़प लेते थे।” इस तरह आरोपियों ने कुल 53 लाख 14 हजार 955 रुपए का गबन किया।
पुलिस ने नहीं की एफआईआर, कोर्ट जाना पड़ा फर्जीवाड़ा उजागर होने पर ईसाप स्मॉल फाइनेंस प्रबंधन ने एक्शन लेते हुए मैनेजर ओमपुरी (पुत्र अजय पुरी, निवासी सिवनी मालवा) और कैशियर प्रियंका गोस्वामी (निवासी रेवा बनखेड़ी) को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद नवंबर 2024 में थाने में लिखित शिकायत की गई थी। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर प्रबंधन ने न्यायालय में परिवाद पेश किया, जिसके बाद अब कोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि महिला खाताधारकों के नाम पर 53.14 लाख रुपए का फर्जी लोन निकाला गया था। उन्होंने कहा, “यह मामला उजागर होने के बाद परिवाद कोर्ट में पेश किया गया था। अब न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। हम मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।”















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