नीमच शहर में एक दिव्यांग किसान और उनकी पत्नी से फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने सरेराह ₹32,000 छीन लिए। यह घटना ग्वालटोली पेट्रोल पंप के सामने हुई, जहां दंपत्ति के साथ धक्का-मुक्की और डरा-धमकाकर पैसे छीने गए। पीड़ित दंपत्ति ने नीमच कैंट थाने में शिका
.
ग्राम मेंडकी निवासी भेरू धाकड़ अपनी पत्नी अनु धाकड़ और बच्चे के साथ अपने एक मित्र की गाड़ी से नीमच मंडी में चीया बीज बेचने आए थे। बीज बेचने के बाद जब वे अपने गांव लौट रहे थे, तभी ग्वालटोली पेट्रोल पंप के पास उन्हें रोका गया।
पीड़ित भेरू धाकड़ के अनुसार, पेट्रोल पंप के सामने अचानक 10 से 12 अज्ञात युवकों ने उनकी गाड़ी रोक ली। युवकों ने दावा किया कि गाड़ी का फाइनेंस बकाया है। जब किसान ने बताया कि गाड़ी उनकी नहीं है और वे इसके मालिक से बात कर सकते हैं, तो युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
युवकों ने अपने मोबाइल से ‘यश मालवीय’ नामक व्यक्ति को फोन लगाया, जिसने खुद को थाने का पुलिस अधिकारी बताकर दंपत्ति को धमकाया। फोन पर कहा गया, “इन्हें वहीं गिरा दो और गाड़ी लेकर थाने आ जाओ।” इस धमकी से दंपत्ति डर गया।
पीड़ित महिला अनु धाकड़ ने बताया कि आरोपियों ने उनसे जबरन गाड़ी की चाबी छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर धक्का-मुक्की की। भेरू धाकड़ दिव्यांग हैं और उनका एक पैर काम नहीं करता, जिससे वे अपनी पत्नी और बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए।
इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, युवकों ने (जिनमें से एक का नाम मोबाइल नंबर के आधार पर ‘मंगल सिंह’ सामने आया है) चीया बीज बेचकर मिले कुल ₹32,000 छीन लिए। इसमें ₹27,000 सेटलमेंट के नाम पर और ₹5,000 गाड़ी ज़ब्त करने की कार्रवाई के नाम पर लिए गए। पैसे लेने के बाद वे गाड़ी वहीं छोड़कर फरार हो गए। जाते समय उन्होंने केवल अपना मोबाइल नंबर दिया, लेकिन नाम नहीं बताया।
घटना के तुरंत बाद डरा-सहमा रात बुधवार रात नीमच कैंट थाने पहुंचा और पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने पीड़ित किसान की शिकायत पर मामले में जांच शुरू कर दी। और ग्वालटोली क्षेत्र की घटना स्थल का भी मौका मुआयना किया है।
















Leave a Reply