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मैहर जिले में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। बदेरा क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान गोरइया के विक्रेता और समिति प्रबंधक के खिलाफ बुधवार रात बदेरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर 23 लाख 25 हजार रुपए से अधिक का खाद्यान्न उपभोक्ताओं को वितरित न करने का आरोप है। आरोप है कि दोनों ने उपभोक्ताओं से पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया। रिकॉर्ड में जनवरी से जून 2026 तक का खाद्यान्न वितरित दिखाया गया, लेकिन वास्तव में यह हितग्राहियों तक नहीं पहुंचा। मामले की शिकायत मिलने पर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने एसडीएम दिव्या पटेल को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रियंका अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों और वितरण व्यवस्था की गहन जांच की। 23 लाख के खाद्यान्न उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंची जांच में खुलासा हुआ कि दुकान की ओर से 15 लाख 52 हजार 691 रुपए मूल्य का 552 क्विंटल गेहूं, 7 लाख 27 हजार 861 रुपए मूल्य का 181 क्विंटल चावल, 16 हजार 704 रुपए मूल्य की 3.48 क्विंटल शक्कर और 28 हजार 645 रुपए मूल्य का 29.38 क्विंटल नमक वितरित नहीं किया गया। कुल मिलाकर 23 लाख 25 हजार 901 रुपए मूल्य के खाद्यान्न में गड़बड़ी पाई गई। प्रमाणिक साक्ष्य मिलने के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रियंका अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी। इसी आधार पर बुधवार देर रात थाना बदेरा में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया। एसडीएम दिव्या पटेल ने दोनों आरोपियों को कुल राशि का 50-50 प्रतिशत हिस्सा आगामी 25 मई तक शासन के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितता करने वालों में सतर्कता बढ़ी है।
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अंगूठा लगवाकर 23 लाख का खाद्यान्न नहीं बांटा:मैहर में सेल्समैन-प्रबंधक पर FIR; SDM ने वसूली का आदेश दिया















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