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जालौन के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार देर रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब इलाज कराने पहुंचे मरीज के परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीज के तीमारदारों के साथ जमकर मारपीट की। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में देर रात तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और पुलिस के सामने भी हंगामा चलता रहा। मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के कालपी रोड स्थित स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है। पीड़ित पक्ष के बृजकिशोर गुप्ता ने बताया कि उनकी बेटी रात में फिसलकर गिर गई थी, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। बेटी को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने पहले पर्चा बनवाने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि पर्चा बनाने में 15 से 20 मिनट का समय लगाया जा रहा था, जबकि घायल युवती दर्द से कराह रही थी। बृजकिशोर गुप्ता के अनुसार उन्होंने स्टाफ से जल्द पर्चा बनाने का अनुरोध किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान उन्होंने उरई सदर से बीजेपी विधायक गौरी शंकर वर्मा को फोन कर मामले की जानकारी दी और त्वरित उपचार कराने की मांग की। आरोप है कि विधायक का फोन आने के बाद मेडिकल कॉलेज का स्टाफ और जूनियर डॉक्टर भड़क गए।
इसी बीच पीड़ित के बेटे ने डॉक्टरों से कहा कि पर्चा बनकर आ रहा है, तब तक उसकी बहन का प्राथमिक उपचार कर दिया जाए, लेकिन डॉक्टरों ने बिना पर्चे के इलाज से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के कई जूनियर डॉक्टरों और स्टाफ ने एकजुट होकर युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने विधायक से डॉक्टर की बात कराने की कोशिश की तो डॉक्टरों ने मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया गया और देर रात तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
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