वायरल ऑडियो मामले में जांजगीर-चांपा के ईई शशांक सिंह सस्पेंड:ड्राइवर से गाली-गलौज और सीनियर अफसरों को लेकर किया था कमेंट, जांच के बाद कार्रवाई




छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) शशांक सिंह को वायरल ऑडियो मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने सस्पेंड कर दिया है। इस वायरल ऑडियो में इंजीनियर शशांक सिंह ने ड्राइवर से गाली-गलौज कर मारने और दंतेवाड़ा ट्रांसफर करने की धमकी दी थी। मामला सामने आने के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उप सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रायपुर स्थित जल संसाधन विभाग कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वायरल ऑडियो में ईई शशांक सिंह पर ड्राइवर से गाली-गलौज करने और सीनियर अधिकारियों के बारे में गलत भाषा इस्तेमाल करने का आरोप है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी। अब जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, यह मामला अकलतरा एसडीएम कार्यालय और जलसंसाधन विभाग के बीच कई साल से चले आ रहे प्रशासनिक विवाद से संबंधित बताया जा रहा है। साल 2022 में अकलतरा में नया एसडीएम कार्यालय शुरू हुआ था। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम ममता यादव की गाड़ी चलाने के लिए जलसंसाधन विभाग नरियरा से ड्राइवर शशिकांत साहू को अटैच किया गया था। ड्राइवर का वेतन जलसंसाधन विभाग से जारी होना तय हुआ था। जानकारी के अनुसार, बाद में विभाग ने ड्राइवर को वापस बुलाने का दबाव बनाया, लेकिन ड्राइवर का कहना था कि उसे एसडीएम कार्यालय से विधिवत कार्यमुक्त किया जाए। इस खींचतान के कारण पिछले 5 महीने से ड्राइवर का वेतन रुका हुआ है। महिला कर्मचारी और ड्राइवर के बीच हुआ था विवाद इस बीच विभाग की एक महिला कर्मचारी और ड्राइवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर इंजीनियर ने ड्राइवर को फोन किया। ड्राइवर का कहना है कि, उसने संबंधित महिला कर्मचारी से पहले ही माफी मांग ली थी, लेकिन फोन पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच फिर से विवाद बढ़ गया। मैं एसडीएम से डरता हूं क्या, गाली-गलौज का ऑडियो वायरल वायरल ऑडियो में एसडीएम का ड्राइवर बार-बार अपनी बात रखने की कोशिश करता सुनाई दे रहा है, जबकि दूसरी ओर से इंजीनियर शशांक सिंह ने गाली-गलौज कर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसे ऑफिस में घुसकर मारने की धमकी दी। इस वायरल ऑडियो में बातचीत के दौरान एसडीएम और बाकी अधिकारियों के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ है। इंजीनियर ने कहा कि, मैं एसडीएम से डरता हूं क्या। मार्केट में मेरे बारे में क्या बोलते हो मुझे सब पता है। मैं कुछ बोल नहीं रहा था। मेरे किसी महिला कर्मचारी से ऐसी बात करेगा, तो सुनूंगा नहीं। तुमको दंतेवाड़ा भेजवा दूंगा, कलेक्टर चेंज होने दो तुम्हारा वेतन रोक दिया, तो एसडीएम ने क्या कर लिया। कलेक्टर के कहने पर एक महीने का वेतन निकाला हूं। अभी चार महीने घुमाऊंगा। मुझे नेतागिरी नहीं दिखाना। मेरी गाड़ी चलाने दोबारा क्यों नहीं आया। आ जाता, तो रिलीव हो जाता। तुमको दंतेवाड़ा भेजवा दूंगा। तुम्हारी रिकॉर्डिंग भी कलेक्टर को दिखाऊंगा। एक दो महीने कलेक्टर यहां है, जिस दिन कलेक्टर चेंज हुआ, उस दिन तुमको बताउंगा। इनके रहते अभी दंतेवाड़ा भेज दूंगा। बोरिया बिस्तर बांध ले। पता कर लेना मेरे बारे में। कलेक्टर ने कराई जांच ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी।



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