सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो इस्पात संयंत्र परिसर स्थित कार्यालय में गुरुवार को कार्यरत ठेकेदारों की बैठक हुई। बैठक में बीएसएल की ओर से प्रस्तावित श्रम सेतु प्रणाली के तहत कामगारों की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति दर्ज करने के निर्णय का संवेदकों ने एक स्वर में विरोध किया। ठेकेदारों ने कहा कि श्रम सेतु प्रणाली में कई प्रकार की कमियां एवं विसंगतियां हैं, जिसके कारण इसे लागू करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा वर्षों से लंबित उनकी समस्याओं एवं मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे श्रम सेतु एप का अनुपालन नहीं करेंगे। संवेदकों के प्रबंधन के समक्ष रखी प्रमुख मांगों में प्रत्येक माह की 30 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने, कार्यादेश में वर्णित कार्य करने का अधिकार ठेकेदारों को देने, श्रम सेतु पोर्टल पर कामगारों की उपस्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध कराने, कामगारों की नियुक्ति का अधिकार केवल ठेकेदारों को देने तथा छोटी-छोटी निविदाओं को जोड़कर बड़ी निविदा बनाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई। इसके अलावा सेफ्टी ऑडिट एवं अन्य कारणों से होने वाली दंडात्मक कार्रवाई पर भी रोक लगाने की मांग की गई। संवेदकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने एकतरफा निर्णय थोपने का प्रयास किया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो सभी ठेकेदार अपने-अपने कार्यादेश वापस कर काम बंद करने को मजबूर होंगे। बीएसएल प्रबंधन इसका जिम्मेदार होगा। बैठक में आरके सिंह, संतोष पहलवान, देवेंद्र सिंह, प्रमोद मिश्रा, अरविंद सिंह, जीतन मिश्रा, राजेश रंजन, मधुकर सिंह, आनंद तिवारी, सुभाष लाल, गोपाल सिंह, एचएन सिंह, एके सिंह आदि थे।
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श्रम सेतु प्रणाली के विरोध में ठेकेदारों ने काम बंद करने की दी चेतावनी















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