![]()
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को बोत्सवाना से आईं दो मादा चीताओं को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुले जंगल में छोड़ा। ये दोनों चीते फरवरी में बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों के दल का हिस्सा हैं। क्वारंटीन और स्थानीय माहौल में ढलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें जंगल में छोड़ा है। सीएम ने कहा कि कूनो अब दुनिया के सफल चीता पुनर्वास मॉडल में गिना जा रहा है। रणथंभौर की तर्ज पर विकसित होगा कूनो : सीएम रविवार रात कूनो में ही रुके। सोमवार को चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा में उन्होंने कहा सरकार कूनो को रणथंभौर की तर्ज पर विकसित करना चाहती है, ताकि यहां पर्यटन बढ़े और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले। कूनो में अब 54 चीते, राजस्थान तक पहुंच रहा मूवमेंट
देश में कुल 57 चीते हैं। इनमें 54 कूनो और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, चीतों का मूवमेंट अब चंबल क्षेत्र से होते हुए राजस्थान तक पहुंच रहा है और उनका दायरा करीब 5 हजार वर्ग किमी तक फैल चुका है। हाल ही में एक चीता राजस्थान के सवाई माधोपुर तक पहुंच गया था, जिसे बाद में सुरक्षित वापस कूनो लाया गया।
Source link
बोत्सवाना की 2-मादा चीता कूनो के खुले जंगल में छोड़ीं:चंबल से राजस्थान तक 5000 वर्ग किमी दायरे में चीतों का मूवमेंट















Leave a Reply