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पश्चिमी सिंहभूम जिले के थैलेसीमिया पीड़ित पांच एचआईवी संक्रमित मासूम बच्चों और उनके परिवारों की स्थिति को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने मानवीय पहल करते हुए कोर्ट फीस माफ कर दी है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार, जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के साथ किसी प्रकार का सामाजिक बहिष्कार या भेदभाव नहीं होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि बच्चों की पढ़ाई और इलाज किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पांचों बच्चे बेहद गरीब और वंचित परिवारों से आते हैं। उनकी उम्र पांच से सात वर्ष के बीच है। नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान ही वे एचआईवी संक्रमित हो गए। अदालत को यह भी बताया गया कि कुछ पीड़ित परिवार सामाजिक भेदभाव का सामना कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने गहरी चिंता जताई, कहा- प्रशासन और डीएलएसए की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों को सामान्य सामाजिक जीवन मिल सके।
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हाईकोर्ट ने सामजिक भेदभाव पर जताई चिंता:थैलेसीमिया व एचआईवी पीड़ित बच्चों के मामले में कोर्ट फीस माफ















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