Raipur CSMCL Overtime Scam | First Chargesheet Filed Against 12 Accused


रायपुर16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में ACB-EOW ने सोमवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 12 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है।

इस चार्जशीट में कारोबारी अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत नरबले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन. उदय राव, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन को आरोपी बनाया गया है।

वहीं, इस मामले में पहले से गिरफ्तार आठ आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद विशेष न्यायालय ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।

ACB-EOW की जांच में खुलासा हुआ कि साल 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के नाम पर ओवरटाइम, बोनस, एक्सट्रा वर्क डे भुगतान और सर्विस चार्ज के रूप में लगभग 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को ओवर टाइम का पैसा मिलना था। लेकिन फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और अवैध कमीशन व्यवस्था के जरिए घोटाले की रकम को अधिकारियों, सिंडिकेट और संबंधित कंपनियों के पास गई।

4 कंपनियों को हुआ भुगतान

जांच में सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच इन कंपनियों को कर्मचारियों के नाम पर बड़े पैमाने पर अतिरिक्त भुगतान किया गया।

इसमें ओवरटाइम के नाम पर लगभग 101.20 करोड़ रुपए, बोनस भुगतान के रूप में 12.21 करोड़ रुपए, 4 अतिरिक्त कार्यदिवसों के भुगतान के तौर पर 54.46 करोड़ रुपए और सर्विस चार्ज के रूप में करीब 15.11 करोड़ रुपए शामिल हैं।

इस तरह कुल मिलाकर लगभग 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान विभिन्न मैनपावर एजेंसियों को किया गया, जिसे जांच एजेंसियां बड़े वित्तीय अनियमितता और कथित कमीशन नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।

28.80 लाख नकद बरामदगी बनी अहम कड़ी

29 नवंबर 2023 को 28.80 लाख रुपए नकद पकड़े जाने की घटना इस कथित अवैध कमीशन सिस्टम की महत्वपूर्ण कड़ी बनी। जांच एजेंसी के अनुसार यह राशि देयकों को पास कराने के एवज में कमीशन के रूप में पहुंचाई जा रही थी।

EOW का कहना है कि पहली चार्ज शीट के अलावा अन्य संबंधित व्यक्तियों, अवैध राशि के उपयोग, निवेश और व्यापक नेटवर्क की जांच अभी जारी है। अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जानिए कैसे हुआ घोटाले का खुलासा

इस मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक कार्रवाई से हुई। 29 नवंबर 2023 को ED ने रायपुर में 3 संदिग्धों से 28.80 लाख कैश बरामद किए थे। जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो पता चला कि यह पैसा कर्मचारियों के पसीने की कमाई (ओवरटाइम) का था, जिसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया।

ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी (IPC 420, 120-बी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

कर्मचारियों को सामने रखकर भरी गई जेब

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। साल 2019-20 से 2023-24 के बीच सरकार ने शराब दुकानों में तैनात कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के बदले 115 करोड़ रुपए का ओवरटाइम भुगतान मंजूर किया था।

नियम के अनुसार यह पैसा सीधे उन कर्मचारियों को मिलना था, जो एक्स्ट्रा शिफ्ट में काम कर रहे थे। लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने कागजों पर कर्मचारियों का ओवरटाइम दिखाया, लेकिन असल में भुगतान उन तक पहुंचा ही नहीं।

एजेंसियों ने यह राशि कमीशन के रूप में निकाली। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पैसा CSMCL के भ्रष्ट अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच बांटा गया। इसके तार कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है।

सबसे पहले 2 कर्मचारियों को किया गया था अरेस्ट

सबसे पहले ACB-EOW की टीम ने मैनपावर एजेंसी के 2 कर्मचारियों को अरेस्ट किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड का फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल है।

……………………

इससे जुड़ी ये खबर पढ़ें…

CSMCL ओवरटाइम घोटाला…CDL के वाइस प्रेसिडेंट अरेस्ट:अरुणपति त्रिपाठी के संपर्क में था, ढेबर को जाता था कमीशन, इधर पप्पू बंसल-पीयूष बिजलानी को जमानत

छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवर टाइम भुगतान घोटाला केस में आर्थिक अपराध अन्वेषण और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि ओवरटाइम और बोनस की बिलिंग का पूरा काम उदय राव के निर्देश पर किया जाता था। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *