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कानपुर में जुड़वां बेटियों की हत्या करने वाले पिता ने 28 दिन बाद रविवार को जेल में सुसाइड की कोशिश की। थाली में धार लगाकर उसने अपना गला रेता। हालांकि, जान बच गई, उर्सला अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी शशि रंजन मिश्रा को हत्या का कोई अफसोस नहीं है। उसने कैमरे पर जो बातें कहीं, वह चौंकाने वाली हैं। उसने कहा- मुझे अफसोस नहीं, भगवान की मर्जी थी। हम गरीबी में नहीं रख सकते। भगवान अगर किसी को बेटी दे तो पैसा भी दे, वरना न दें। अपनी करनी के लिए मुझे फांसी भी दी जाए तो स्वीकार। दैनिक भास्कर ने अस्पताल पहुंचकर पिता से बात की, उसने क्या कुछ बताया, पढ़िए…
भगवान की मर्जी थी, उसमें कुछ नहीं कह सकते
आरोपी पिता 50 साल के शशि रंजन मिश्रा ने कहा- भगवान की मर्जी थी, उसमें कुछ नहीं कह सकते। पैसों के लेनदेन को लेकर डिप्रेशन में रह रहा था। दौरा आता था। ऐसे लोगों को कुछ पता नहीं चलता है। फ्लैट वाले का पैसा बाकी है, लग रहा था कि वह मारने के लिए आया है। दिमाग में आवाज आ रही थी। 11 साल की जुड़वां बेटियों को मारने में अफसोस होने के सवाल पर बोला- संतुष्टि है कि बेटी अपनी जगह पर चली गई। 2012 में बेटी की तबीयत बहुत खराब हुई थी। जिस बच्ची को बचाने के लिए इलाज में हमने लाखों रुपए खर्च किए। उसे ऐसे कैसे मार सकता हूं? जब हम पाप किए तो फांसी स्वीकार क्यों नहीं करूंगा
आरोपी पिता ने कहा- अब मेरा बचा कौन है। बेटियों की हत्या के बाद कुछ सोचकर खुद को खत्म नहीं किया था। पुलिस पत्नी को फंसा देती। पुलिस को क्या चाहिए, उन्हें ये नहीं दिखता कि कौन निर्दोष है। पुलिस को बयान देने के लिए गवाह चाहिए। फिर क्या, निर्दोष भी दोषी करार हो जाता है। पत्नी को सजा न हो, इसलिए खुद को खत्म नहीं किया। अब हम जेल में ही रहेंगे, आगे भगवान मालिक। मेरी करनी की एक ही सजा है- फांसी। फांसी दी जाएगी तो मैं उसको स्वीकार कर लूंगा। जब हम पाप किए, अपनी बेटी को पाल नहीं पाए तो फांसी को क्यों नहीं स्वीकार करेंगे। दौरा खत्म होने के बाद पता चला कि बेटियों को मार डाला
आरोपी पिता ने कहा- बच्चियां 11 साल की थीं, छोटी थीं। उनको बढ़ने में 10-15 साल का टाइम लगता। मेरी एज 50 साल है। दुनिया हम भी देखे हैं। जो लड़की प्राइवेट या सरकारी जॉब करती है, उसको अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है। दौरा खत्म होने के बाद मुझे पता चला कि बेटियों को मार डाला हूं। इसके बाद बहुत रोया था। पुलिस को खुद ही फोन करके बुलाया। मारने के समय मुझे दौरा आया था। कैसे मारा, मुझे पता नहीं है। मेरे लाखों रुपए डूब गए, बेटियों को गरीबी में नहीं रख सकते
आरोपी पिता ने कहा- पत्नी से कोई झगड़ा या लड़ाई नहीं है। बेटियों की हत्या से पहले 19 लाख रुपए पत्नी को ट्रांसफर किए थे। ताकि, कभी मुझे कुछ हो जाए तो बच्चों की देखरेख वो कर ले। हत्या के बाद जेल आते समय मैं पत्नी को बोलकर आया था कि वह अपने घर (मायके) चली जाए। उसका बड़ा परिवार है। पैसे की कमी नहीं है। बेटे के साथ रह लेगी। सोच रहे हैं कि अब यहां हॉस्पिटल आ गए हैं तो मनोरोग चिकित्सक को भी खुद को दिखवा लें। डिप्रेशन और दौरे का इलाज हो जाए। सोचिए, एक करोड़ डूब जाए तो क्या हालात होंगे
आरोपी शशि रंजन मिश्रा दवा कारोबारी था, वो खुद की दवाएं भी बनाता था। एमआर भी रहा। शशि रंजन ने एक नामी डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर मेरी कंपनी बैठाने का जिम्मेदार है। दो अगस्त 2025 को डॉक्टर ने 15 लाख रुपए लिए थे। बोले थे कि हर महीने हमारी 5 लाख की दवा लिखेंगे। पैसा लेने के बाद मरीजों के लिए मेरी दवा लिखना बंद कर दिया। इस वजह से मेरे 15 लाख रुपए डूब गए और दवाएं भी नहीं बिकीं। कुछ अन्य डॉक्टर और फ्लैट वाले मेरा पैसा डुबाए हैं। सोचिए, अगर आपके पास एक करोड़ है, वो रुपए फंस जाएं तो क्या हालात होंगे। सुसाइड के अलावा कुछ नहीं सूझता। गला घोंटा, चापड़ से गर्दन रेती थी, 10 पॉइंट्स में पूरा मामला जानिए डॉक्टर बोले- शशि रंजन की हालत खतरे से बाहर ———————————- ये खबर भी पढ़िए- 25 साल की महिला की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत:नोएडा में पिता बोले- मारकर फेंका गया; डेढ़ साल पहले एक करोड़ में की थी शादी ग्रेटर नोएडा में 25 साल की महिला की घर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। करीब डेढ़ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। महिला के मायके वालों का आरोप है कि बेटी की हत्या की गई।पिता का कहना है कि ससुराल वाले शादी के बाद एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और 51 लाख रुपए डिमांड कर रहे थे। इसे पूरा नहीं करने पर उन लोगों ने मेरी बेटी को मार डाला। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पढ़ें पूरी खबर…
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जुड़वां बेटियों का हत्यारा पिता बोला- मुझे फांसी हो:भगवान बेटी दें तो पैसा भी दें; कानपुर जेल में खुद की गर्दन रेती














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