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लंबे इंतजार के बाद हरियाणा के रोहतक जू से 7 वर्षीय शेरनी सुधा को इटावा सफारी पार्क लाया गया है। सोमवार तड़के सफारी पार्क की टीम शेरनी को सुरक्षित लेकर इटावा पहुंची। सफारी प्रशासन ने उसे फिलहाल लायन हाउस-1 में 21 दिनों के क्वारंटाइन में रखा है। इस दौरान शेरनी के स्वास्थ्य, खानपान और व्यवहार पर लगातार सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है। वन्यजीव चिकित्सकों की टीम भी उसकी नियमित निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जांच में शेरनी पूरी तरह स्वस्थ पाई गई है और उसने भोजन भी शुरू कर दिया है। सफारी प्रशासन को उम्मीद है कि क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद शेरनी सुधा की ब्रीडिंग सफारी पार्क के बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान के साथ कराई जा सकेगी। इससे पार्क में शेरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेष टीम ने किया ट्रांसफर ऑपरेशन रोहतक जू से शेरनी को लाने के लिए बनाई गई विशेष टीम में क्षेत्रीय वनाधिकारी रूपेश श्रीवास्तव, वन्यजीव चिकित्सक डॉ. रॉबिन सिंह, कीपर आसिफ, अजय कुमार सिंह समेत पांच सदस्य शामिल रहे। टीम रविवार को इटावा से रवाना हुई थी और सोमवार सुबह शेरनी को लेकर वापस लौटी। नई ब्लड लाइन की तलाश पूरी हुई सफारी पार्क के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि सिंबा और सुल्तान के लिए लंबे समय से नई ब्लड लाइन की फीमेल शेरनी की तलाश की जा रही थी। गुजरात समेत कई राज्यों से संपर्क के बावजूद शेरनी उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके बाद रोहतक जू से बातचीत सफल रही। बदले में इटावा से भेजा गया शेर अज्जू रोहतक जू प्रशासन ने बदले में इटावा सफारी पार्क से एक बब्बर शेर भेजने की मांग रखी थी। इसके बाद सफारी प्रशासन ने शेर अज्जू को रोहतक जू भेजा, जिसके बाद ही शेरनी सुधा को इटावा लाने की प्रक्रिया पूरी हुई। अधिकारियों के अनुसार शेरनी सुधा पहले भी दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि वह सिंबा और सुल्तान के साथ सफल ब्रीडिंग कर सकेगी। सफारी में 23 बब्बर शेर मौजूद फिलहाल इटावा सफारी पार्क में कुल 23 बब्बर शेर और शेरनियां मौजूद हैं, जिनमें 7 शेर और 13 शेरनियां शामिल हैं। सिंबा और सुल्तान, सफारी के पहले शेर-शेरनी मनन और जेसिका के शावक बताए जाते हैं। विश्वा की जगह भेजा गया अज्जू पहले शेर विश्वा को रोहतक जू भेजने की योजना थी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उसे नहीं भेजा जा सका। बाद में उसकी जगह अज्जू को भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक अज्जू, सिंबा और सुल्तान का रिश्ते में भांजा बताया जाता है। निगरानी और आगे की योजना सफारी प्रशासन का कहना है कि क्वारंटाइन अवधि के दौरान शेरनी के व्यवहार पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके बाद विशेषज्ञों की सलाह पर उसे सिंबा या सुल्तान के साथ ब्रीडिंग के लिए छोड़ा जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि यह पहल इटावा सफारी पार्क के लिए आने वाले समय में बड़ी सफलता साबित होगी। ऑपरेशन में शामिल टीम शेर अज्जू को ले जाने और शेरनी सुधा को लाने की प्रक्रिया में क्षेत्रीय वनाधिकारी रूपेश श्रीवास्तव, वन्यजीव चिकित्सक डॉ. रॉबिन सिंह, कीपर आसिफ और अजय कुमार सिंह समेत पांच सदस्य शामिल रहे।
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इटावा सफारी पार्क पहुंची 7 वर्षीय शेरनी सुधा:21 दिन क्वारंटाइन में रहेगी; सिंबा और सुल्तान से ब्रीडिंग की तैयारी, रोहतक जू से लाई गई















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