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मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व अंतर्गत मुक्की परिक्षेत्र की मोहगांव बीट में मंगलवार सुबह एक नर बाघ का शव मिला। मृत बाघ की पहचान ‘टी-220’ (महावीर मेल) के रूप में हुई है। गश्ती दल ने बाघ को अस्वस्थ हालत में देखा था, जिसके कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर कान्हा प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत जांच शुरू की। गश्ती दल की निगरानी के दौरान हुई मौत क्षेत्र संचालक और वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम द्वारा इस बाघ की निगरानी की जा रही थी। मंगलवार सुबह गश्ती दल को बाघ घायल और बीमार अवस्था में दिखाई दिया। उपचार और राहत के प्रयास किए जाने से पहले ही बाघ ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी तुरंत प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) भोपाल को भेजी गई। पोस्टमार्टम में संक्रमण और चोट की पुष्टि डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. आशीष वैद्य और डॉ. ज्योति मरावी के दल ने 5 से 6 वर्षीय बाघ का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में बाघ के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण पाया गया है। पशु चिकित्सकों के अनुसार, फेफड़ों का यह संक्रमण ही मौत का संभावित कारण है। विसरा और फॉरेंसिक जांच के लिए जरूरी सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं। शिकार की आशंका खारिज, सभी अंग सुरक्षित अधिकारियों ने बताया कि बाघ के शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंग जैसे नाखून, केनाइन दांत और मूंछ के बाल सुरक्षित पाए गए हैं। इससे प्रथम दृष्टया शिकार की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया गया है। डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया, जहां कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत भस्मीकरण पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद भस्मीकरण समिति और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का पूर्ण दाह संस्कार कर दिया गया। इस दौरान क्षेत्र संचालक रविंद्र मणि त्रिपाठी, उप संचालक पीके वर्मा और एनटीसीए प्रतिनिधि डॉ. श्रवणा गोस्वामी सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विभाग अब फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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कान्हा टाइगर रिजर्व में मिला महावीर मेल बाघ का शव:फेफड़ों में संक्रमण और चोट के निशान, अंग सुरक्षित मिले; प्रबंधन ने किया अंतिम संस्कार















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