![]()
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी सोच को बदलने और गांवों की महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालयने खास पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय के उन्नत भारत अभियान और स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की ओर से सोमवार को मैथा विकासखंड के मलिकपुर गांव में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। इस कैंप का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें रोजमर्रा के तनाव, डिप्रेशन, घबराहट तथा पारिवारिक समस्याओं से निपटने के तरीके बताना था। “मानसिक तनाव कई बीमारियों की जड़”
अभियान में विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग ने अहम भूमिका निभाई। कैंप में मौजूद मनोवैज्ञानिक डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव ने महिलाओं से सीधा संवाद किया और सरल भाषा में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी पारिवारिक समस्याओं से पैदा होने वाला तनाव आगे चलकर गंभीर अवसाद का रूप ले सकता है। उन्होंने महिलाओं को सकारात्मक सोच अपनाने, तनाव को नियंत्रित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक तरीके बताए। महिलाओं ने खुलकर साझा कीं अपनी समस्याएं
शिविर की खास बात यह रही कि महिलाओं को अपनी समस्याएं खुलकर बताने का मौका मिला। कई महिलाओं ने व्यक्तिगत और पारिवारिक तनाव से जुड़ी बातें मनोवैज्ञानिकों से अकेले में साझा कीं। विशेषज्ञों ने महिलाओं की समस्याओं को ध्यान से सुनकर उन्हें जरूरी चिकित्सकीय परामर्श और थेरेपी की जानकारी दी। साथ ही मानसिक तनाव से बाहर निकलने के उपाय भी बताए गए। “गांवों में मानसिक जागरूकता फैलाना जरूरी”
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी गांवों में लोग मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने से हिचकिचाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय समाज के हर वर्ग के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए लगातार ग्रामीण इलाकों में इस तरह के जागरूकता अभियान चलाता रहेगा।
Source link
गांव की महिलाओं को तनाव से लड़ना सिखाएगा CSJMU:मलिकपुर में लगा मेंटल हेल्थ कैंप, मनोवैज्ञानिकों ने सुनीं पारिवारिक परेशानियां















Leave a Reply