अतुल कुमार सिंह | लखनऊ2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

लखनऊ में आगामी 1 से 9 जून 2026 तक नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कथा की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कथा प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होगी।
इस धार्मिक आयोजन का मुख्य आकर्षण पद्म विभूषण और तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का सानिध्य रहेगा। उनके श्रीमुख से होने वाली श्रीराम कथा को लेकर श्रद्धालुओं में अभी से उत्सुकता देखी जा रही है।आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए करीब 30 हजार वर्गफीट का विशाल पंडाल तैयार कराया जा रहा है। कथा स्थल पर बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु सुविधाजनक ढंग से कथा श्रवण कर सकें।
कथा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बनेगी
उत्सव संरक्षक डॉ. नीरज बोरा ने बताया कि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्तंभों में से एक रहे हैं। उन्होंने देशभर में सनातन परंपरा और श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत किया है। ऐसे में उनकी कथा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बनेगी।
आयोजन समिति के अनुसार, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी संदेश देगा।
आयोजन स्थल को धार्मिक स्वरूप दिया जाएगा
कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, राष्ट्रधर्म और मानव मूल्यों पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। प्रतिदिन भजन, आरती और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था रहेगी। आयोजन स्थल को आकर्षक धार्मिक स्वरूप दिया जाएगा। समिति ने शहर और आसपास के धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
















Leave a Reply