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बागपत में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौती से निपटने के लिए डीएम अस्मिता लाल की पहल पर विद्यालयों में कूल रूफिंग पहल लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को गर्मी से राहत प्रदान करना, सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति संस्थागत क्षमता विकसित करना है। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ते तापमान को देखते हुए विद्यालय परिसरों में तापीय आराम सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे छात्रों के स्वास्थ्य, उपस्थिति और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस पहल के तहत सरकारी विद्यालयों की कंक्रीट छतों पर सफेद परावर्तक (रिफ्लेक्टिव) कोटिंग की जाएगी। साथ ही, विद्यालय परिसरों में ग्रीन शेड, बांस आधारित संरचनाएं, कक्षाओं के आसपास वृक्षारोपण और रूफटॉप सोलर के साथ कूल रूफ तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। हस्तक्षेप से पहले और बाद में तापमान की निगरानी कर प्रभाव का आकलन भी किया जाएगा। जनपद स्तर पर इस योजना में प्राथमिक विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों को भीषण गर्मी और हीटवेव के प्रभाव से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि कूल रूफ तकनीक में उच्च सौर परावर्तन क्षमता वाली सामग्री का उपयोग होता है, जिससे भवनों के अंदर गर्मी का प्रवेश कम होता है। विभिन्न अध्ययनों और सरकारी परियोजनाओं के अनुसार, ऐसी तकनीकों से भवनों के आंतरिक तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी लाई जा सकती है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इस पहल को बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, जल शक्ति, नवीकरणीय ऊर्जा और सीएसआर सहयोग के माध्यम से समन्वित रूप से आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। यह पहल बागपत में जलवायु-संवेदनशील प्रशासन, बाल हितैषी विकास और सतत विद्यालय अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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बागपत के स्कूलों में कूल रूफिंग पहल की तैयारी:डीएम ने कहा- सरकारी स्कूलों की कंक्रीट छतों पर रिफ्लेक्टिव कोटिंग की जाएगी















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