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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हुसैनगंज स्थित करीब 100 साल पुराने चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज के जर्जर भवन पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने भवन को छात्रों के लिए खतरनाक मानते हुए एक सप्ताह के भीतर स्कूल में चल रही सभी कक्षाएं बंद करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को निर्देश दिया है कि छात्राओं को सुरक्षित और उपयुक्त विद्यालयों में स्थानांतरित कराया जाए। साथ ही, शिक्षकों और कर्मचारियों का भी नियमानुसार दूसरे विद्यालयों में समायोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके वेतन और सेवा लाभ प्रभावित न हों। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की पीठ ने विजय कुमार पांडेय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में कहा गया था कि स्कूल भवन अत्यधिक जर्जर हो चुका है और कभी भी कोई हादसा हो सकता है। न्यायालय के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच में भवन की हालत बेहद खराब पाई गई। निरीक्षण रिपोर्ट में दीवारों में गंभीर दरारें और संरचनात्मक कमजोरी के संकेत बताए गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भवन की मरम्मत हो पाना बहुत मुश्किल है। रिपोर्ट पर विचार करते हुए न्यायालय ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे भवन में पढ़ाई जारी रखना उचित नहीं होगा। न्यायालय ने डीआईओएस को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर स्कूल परिसर में सभी शैक्षणिक गतिविधियां बंद कर दी जाएं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्राएं पहले अपनी पसंद के विद्यालय में प्रवेश लेने का प्रयास करें। यदि किसी छात्रा को प्रवेश में समस्या आती है, तो डीआईओएस उसकी मदद करेंगे। सुनवाई के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि विद्यालय सहायता प्राप्त संस्था है और कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है। इस पर न्यायालय ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के सेवा हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसके अलावा, न्यायालय ने विद्यालय प्रबंधन समिति को भवन के पुनर्निर्माण के लिए सरकार से सहायता लेने और अलंकार योजना के तहत प्रस्ताव भेजने की छूट भी दी है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
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हाईकोर्ट ने 100 साल पुराने कॉलेज में पढ़ाई रोकी:जर्जर भवन के कारण छात्राओं को दूसरे स्कूल भेजने, शिक्षकों के समायोजन का निर्देश















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