1500 परिवारों को सता रहा घर टूटने का डर:रायपुर के कैनाल रोड चौड़ीकरण के लिए सर्वे शुरू, स्थानीय लोगों ने जताया विरोध




रायपुर में प्रस्तावित कैनाल रोड 2.0 परियोजना को लेकर 4 वार्डों के लोगों में डर और असमंजस का माहौल है। वार्ड क्रमांक 58, 59, 60 और 61 के करीब 1300 से 1500 परिवारों ने बेघर होने की आशंका जताई है। बड़ी संख्या में लोग नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात कर अपनी चिंता जाहिर की। लोगों का कहना है कि, पिछले कुछ दिनों से नगर निगम के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रहे हैं। मकानों की चौड़ाई, लंबाई और गहराई की नापी की जा रही है। कई जगह कर्मचारियों ने घरों के भीतर जाकर माप लिया और लोगों से मकान के दस्तावेज लेकर दफ्तर आने को कहा गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि, कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि यह कार्रवाई “कैनाल रोड 2.0” योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही है। इसके बाद से इलाके में डर का माहौल है। घर बचेंगे या टूटेंगे रहवासियों ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके घर बचेंगे या टूटेंगे। कई परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनका बचपन इसी इलाके में बीता और अब अचानक सर्वे के बाद बेघर होने का डर सताने लगा है। मेयर से भी नहीं मिला स्पष्ट जवाब स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वे महापौर से भी मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। डर और अनिश्चितता की वजह से कई लोग काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। लोगों ने कहा कि कभी घर के सामने का हिस्सा नापा जा रहा है तो कभी घर के अंदर घुसकर मापी की जा रही है। इससे पूरे इलाके में दहशत जैसी स्थिति बन गई है। मामले में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों के घर बचाने के लिए जो भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी, वह लड़ी जाएगी।



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