मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था अब दान राशि के आंकड़ों में भी साफ नजर आने लगी है। बुधवार को मंदिर परिसर में रखी गई 6 दान पेटियों को खोला गया। देर शाम तक चली गणना में पहले ही दिन 15 लाख 83 हजार रुपए की राशि प
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मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि दान पेटियों से केवल नगद राशि ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्राएं और सोने-चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए हैं। विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बाबा पशुपतिनाथ में विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था भी लगातार बढ़ रही है।
लगातार बढ़ रही दान राशि पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंदिर में दान का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। वर्ष 2025 में 6 बार दान पेटियां खोली गई थीं, जिनसे कुल 1 करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। वहीं वर्ष 2026 में अब तक तीन चरणों में ही 65 लाख 54 हजार 20 रुपए से अधिक का दान प्राप्त हो चुका है। इसमें मई 2026 की गणना अभी पूरी भी नहीं हुई है।
वर्ष 2025 में फरवरी में 22.79 लाख, अप्रैल में 26.14 लाख, जून में 31.48 लाख, अगस्त में 32.70 लाख, सितंबर में 22.40 लाख और नवंबर में 22.81 लाख रुपए से अधिक की राशि दान पेटियों से प्राप्त हुई थी।
वहीं वर्ष 2026 में जनवरी में 25.43 लाख और मार्च में 24.27 लाख रुपए मिले थे। अब मई में पहले दिन ही 15.83 लाख रुपए की गणना हो चुकी है।
देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। देशभर के श्रद्धालुओं के साथ विदेशों से आने वाले भक्तों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। मंदिर समिति का मानना है कि बढ़ती दान राशि और श्रद्धालुओं की संख्या धार्मिक पर्यटन के विस्तार का बड़ा संकेत है।
धार्मिक पर्यटन से जिले को फायदा लगातार बढ़ती श्रद्धा का असर मंदसौर जिले की पहचान पर भी दिखाई दे रहा है। मंदिर में बढ़ती भीड़ से स्थानीय व्यापार, होटल और धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी फायदा मिल रहा है। मंदिर समिति द्वारा प्राप्त दान राशि को जिला सहकारी बैंक में जमा कराया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की जा रही है।

बुधवार को गिनती के बाद मिली दान राशि

मंदिर परिसर में फर्स पर दान पात्रों को खाली किया गया।















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