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भारतीय युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) ने 21 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों के शिक्षा के अधिकार की रक्षा की मांग की है। जिलाध्यक्ष राकेश पंकज के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के खुलेआम उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने बैठकर प्रदर्शन भी किया। युवा कांग्रेस ने अपने पत्र में बताया कि RTE 2009 के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इसका उद्देश्य उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। हालांकि, कोरबा जिले के अधिकांश निजी स्कूल नर्सरी, प्रेप, केजी-1 और केजी-2 कक्षाओं में RTE के तहत प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। ज्ञापन में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों से संबंधित एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर संकट युवा कांग्रेस ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने यह योजना गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की थी। लेकिन वर्तमान में इन स्कूलों में अनिवार्य शुल्क लागू कर दिया गया है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें हैं कि सभी निजी विद्यालयों में नर्सरी से केजी-2 तक RTE के 25 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू कर प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में लगाया गया अनिवार्य शुल्क तत्काल हटाकर शिक्षा को पूर्णतः निःशुल्क किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो युवा कांग्रेस सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।इस अवसर पर मधुसूदन दास, अजीत बर्मन, विपिन श्रीवास सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
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युवा कांग्रेस ने राष्ट्रपति से की शिक्षा अधिकार की मांग:RTE उल्लंघन और आत्मानंद स्कूलों में शुल्क के खिलाफ प्रदर्शन















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