कान्हा में CDV को लेकर हाई अलर्ट:बाघों की मौत के बाद पार्क प्रबंधन सतर्क; स्वास्थ्य मॉनिटरिंग अभियान तेज




कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार मौतों के बाद पार्क प्रबंधन ने केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमण की रोकथाम और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी, वैक्सीनेशन और स्वास्थ्य मॉनिटरिंग अभियान तेज किए गए हैं। अप्रैल माह में कान्हा के सरही जोन में अमाही बाघिन और उसके चार शावकों की मौत हुई थी। जांच में इन मौतों का कारण कैनाइन डिस्टेंपर वायरस संक्रमण पाया गया था। इसके बाद 19 मई को मुक्की परिक्षेत्र में मृत मिले प्रसिद्ध बाघ “महावीर” (टी-220) में भी CDV जैसे लक्षण देखे गए। इन लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण पार्क प्रबंधन अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में गुरुवार को इको सेंटर खटिया में कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें उप संचालक (कोर एवं बफर), सभी सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और फील्ड बायोलॉजिस्ट शामिल हुए। संक्रमण की रोकथाम पर समीक्षा बैठक में CDV संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की सतत मॉनिटरिंग, डॉग वैक्सीनेशन अभियान और अन्य आवश्यक निवारक उपायों पर विस्तार से चर्चा कर दिशा-निर्देश जारी किए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए जंगल क्षेत्र और आसपास के गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवारा कुत्तों के वैक्सीनेशन और वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। बैठक के बाद, क्षेत्र संचालक और उप संचालक बफर वनमंडल ने छपरी और सरेखा इको विकास समितियों के साथ बैठक की। इसमें ग्रामीणों को CDV संक्रमण के प्रति जागरूक किया गया और उनसे सुझाव भी लिए गए। समिति सदस्यों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कान्हा प्रबंधन को संक्रमण रोकथाम अभियान में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। डेढ माह में आठ बाघों को मौत
कान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले डेढ माह मे आठ बाघों की मौत हई है। 6 अप्रैल को परिक्षेत्र कान्हा कन्हारी बीट में मादा बघिन ( सुनैना) की मौत, 21 अप्रैल को परिक्षेत्र सरही सरहीनकान बीट में बडे अमाही नाला के पास नर शावक की मौत, 24 अप्रैल को परिक्षेत्र सरही सरहीनकान बीट में ईटावारे नाले के पास नर शावक की मौत हुई थी। 25 अप्रैल परिक्षेत्र सरही सरहीनकान बीट में उमरपानी पास मादा रावक की मौत, 29 अप्रैल को मुक्की कोरेंटाइन सेंटर में अमाही फीमेल (टी-141) की इलाज के दौरान मौत, 29 अप्रैल को मुक्की कोरेंटाइन सेंटर में बाघ शावक की इलाज के दौरान मौत, 4 मई को किसली रेंज के मगरनाल बीट में बाघ डिगडोला मेल(टी-235) की मौत, 19 मई को मुक्की रेंज के मोहगांव बीट में बाघ महावीर मेल (टी-220) की मौत हो चुकी है।



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