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देवघर को राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय है। बाबा बैद्यनाथ धाम के साथ-साथ जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी आकर्षक और सुरक्षित बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इसी क्रम में नंदन पहाड़ और डिग्रिया पहाड़ के सौंदर्यकरण की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। श्रावणी मेले से पहले विकास कार्य की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का लक्ष्य है। नंदी महाराज की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र नंदन पहाड़ देवघर का एक महत्वपूर्ण धार्मिक, पौराणिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। मान्यता है कि यह भगवान भोलेनाथ के वाहन नंदी महाराज का निवास स्थान था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, नंदी महाराज और रावण के बीच युद्ध भी इसी स्थान पर हुआ था। यहां स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक बाबा मंदिर के दर्शन के बाद नंदन पहाड़ घूमने आते हैं। उत्तर प्रदेश से आए एक पर्यटक ने बताया कि उन्होंने नंदन पहाड़ के प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के बारे में सुना था। इसलिए वे अपने परिवार के साथ यहां घूमने आए हैं।
प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए तक खर्च स्थानीय लोगों का मानना है कि नंदन पहाड़ को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर सौंदर्यकरण के साथ विकसित करने से स्थानीय रोजगार और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा। जिले के खेल एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि नंदन पहाड़ बी-ग्रेड पर्यटन स्थल है, जहां विकास कार्यों के लिए प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए तक खर्च किए जा सकते हैं। संतोष कुमार ने आगे बताया कि उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्य जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया है। पर्यटन सचिव स्तर से भी इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है। सुरक्षा के मद्देनजर एनडीआरएफ की तैनाती, खतरनाक खाली हिस्सों को भरने और समग्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। पिछले वर्ष हुई दुर्घटना को देखते हुए प्रशासन इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
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