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महोबा कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को करणी सेना भारत ने जोरदार प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि सुभाषनगर में हुई प्रियंका रैकवार हत्याकांड में भूरा सिंह उर्फ भगवान सिंह नामक एक निर्दोष व्यक्ति को फर्जी तरीके से फंसाकर जेल भेज दिया गया है। करणी सेना ने मामले की निष्पक्ष जांच न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कोतवाली महोबा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन का दावा है कि पुलिस ने असली आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके जुर्म कबूल करने के बावजूद राजनीतिक और वादी पक्ष के दबाव में एक निर्दोष को जेल भेज दिया। मामला 14 अप्रैल का है, जब सुभाषनगर निवासी युवती प्रियंका रैकवार का शव पहाड़ी के पास जंगल में मिला था। पुलिस ने बाद में मुठभेड़ के दौरान दो मुख्य आरोपी सुमित सिंह और धर्मेंद्र उर्फ बउवा को गिरफ्तार किया था। संगठन का कहना है कि दोनों आरोपियों ने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था। करणी सेना के अनुसार, भूरा सिंह को शुरुआत में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था, क्योंकि उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले थे। आरोप है कि बाद में राजनीतिक दबाव और वादी पक्ष के प्रभाव में पुलिस ने उसे फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित पक्ष के भाई अर्जुन सिंह ने भी पुराने रुपयों के लेनदेन को लेकर रंजिश की बात कही है। परिवार ने पहले एसपी महोबा और प्रयागराज के एडीजी से भी निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जहां से जांच के आदेश दिए गए थे। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर करणी सेना ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, डीजीपी और डीआईजी को भी भेजी है। करणी सेना ने मांग की है कि मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से दोबारा जांच कराई जाए और किसी भी निर्दोष को न फंसाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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प्रियंका हत्याकांड: निर्दोष को जेल भेजने का आरोप:करणी सेना का महोबा कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग















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