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बकरीद से पहले गौवंश हत्या और गौवंश तस्करी पर रोक लगाने की मांग को लेकर शनिवार को विश्व हिंदू परिषद एवं गौ रक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने मंदसौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने प्रदेश में गौवंश संरक्षण को लेकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई। विश्व हिंदू परिषद गौ रक्षा विभाग मालवा प्रांत एवं देशी गौवंश रक्षण संवर्धन न्यास की ओर से कहा गया कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सात्विक ऊर्जा, आर्थिक समृद्धि और आरोग्य का महत्वपूर्ण आधार है। संगठन ने चिंता जताते हुए कहा कि देशभर में गौवंश तस्करी और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, विशेषकर बकरीद के अवसर पर ऐसी गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिलती है। संगठन ने बताया कि मध्यप्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए कठोर कानून होने के बावजूद पुलिस-प्रशासन की लापरवाही अथवा मिलीभगत के कारण गौवंश तस्कर सक्रिय हैं। ऐसे में कई बार गौरक्षकों को स्वयं सड़क पर उतरकर कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक तनाव की स्थिति बनती है। मुस्लिम समाज से भी की सहयोग की अपील
कई मुस्लिम उलेमाओं द्वारा गौकशी के विरोध में बयान दिए जाने के बावजूद घटनाओं में कमी नहीं आई है। संगठन ने मुस्लिम समाज के विद्वानों, नेताओं और वरिष्ठजनों से समाज में जागरूकता लाने और गौवंश संरक्षण के लिए सहयोग करने की अपील की। विश्व हिंदू परिषद ने मांग की कि बकरीद के दौरान गौवंश परिवहन में किसी प्रकार की प्रशासनिक ढील नहीं दी जाए। साथ ही पुलिस-प्रशासन गौवंश तस्करों और हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करे, ताकि गौरक्षकों को सड़कों पर उतरने की आवश्यकता न पड़े। गौ माता को “राज्यमाता” घोषित करने की मांग
संगठन ने मध्यप्रदेश शासन से मांग की कि राजस्थान और महाराष्ट्र की तर्ज पर गौ माता को “राज्यमाता” का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा प्रदेशभर की गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग रखी गई। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत मंत्री विनोद शर्मा एवं प्रांत गौरक्षा प्रमुख जगदीश धाकड़ सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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बकरीद से पहले गौवंश तस्करी पर सख्ती की मांग:मंदसौर में VHP ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, 'राज्यमाता' घोषित करने की भी मांग














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