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श्योपुर में तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की तबीयत बिगड़ने के मामले में अब बेटे ने भी दम तोड़ दिया। 15 मई को हुए इस घटनाक्रम में पिता इंदर सिंह की मौत के 9 दिन बाद शनिवार सुबह कोटा के अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की भी मौत हो गई। अब इस दोहरी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। कोटा में तोड़ा दम गंभीर हालत में श्योपुर से रेफर किए गए विनोद (25) को शुक्रवार रात करीब 11 बजे कोटा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अपने पैतृक गांव सुसनेर के लिए रवाना हो गए हैं। कोतवाली टीआई सत्यम गुर्जर ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच गहनता से की जा रही है। सीने में जलन से शुरू हुआ मामला घटनाक्रम के अनुसार, 15 मई की सुबह पिता इंदर सिंह और पुत्र विनोद को सीने में जलन महसूस हुई थी। इसी दौरान उन्होंने तरबूज खाया और उसके कुछ ही देर बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। इंदर सिंह की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही हो गई थी, जबकि विनोद पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर था। पोल्ट्री फार्म और केमिकल एक्सपोजर का संदेह जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पिता-पुत्र एक पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। इस जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ‘केमिकल एक्सपोजर’ (कीटनाशक या रसायनों का प्रभाव) के नजरिए से भी जांच कर रहा है। हालांकि, ग्वालियर भेजे गए विनोद के सैंपलों में H1N1 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जिससे संक्रामक बीमारी का खतरा कम हुआ है। एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा विसरा टीआई सत्यम गुर्जर ने बताया कि पिता इंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है। अब पिता और पुत्र दोनों के विसरा को सोमवार को एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेजा जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि विसरा की मेडिकल ओपिनियन आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत तरबूज में मौजूद किसी जहरीले तत्व से हुई या पोल्ट्री फार्म में किसी केमिकल के संपर्क में आने से।
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श्योपुर में तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की मौत:9 दिन से राजस्थान में वेंटिलेटर पर था बेटा; पुलिस को विसरा रिपोर्ट का इंतजार














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