बिलासपुर (छत्तीसगढ़)19 मिनट पहले
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बिलासपुर में सोमवार को NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठन एआईडीएसओ (AIDSO) ने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाए। साथ ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
एआईडीएसओ के सूरज साहू ने कहा कि हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसे मामलों से उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि मेडिकल शिक्षा में बढ़ते निजीकरण और महंगी कोचिंग व्यवस्था ने शिक्षा को एक व्यवसाय बना दिया है। नीट परीक्षा में बार-बार सामने आ रहे विवाद, पेपर लीक और परिणाम संबंधी शिकायतें यह संकेत देती हैं कि परीक्षा प्रणाली भरोसे के संकट से गुजर रही है।

निष्पक्ष जांच और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग
एआईडीएसओ ने मांग की है कि मामले की न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म होती रही, तो आने वाली पीढ़ियों का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने सरकार से पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करने की अपील की।
रिचेकिंग व्यवस्था बहाल करने की मांग
इस दौरान सूरज साहू ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी में रिचेकिंग (पुनर्मूल्यांकन) प्रणाली बहाल करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र परीक्षा के प्राप्तांकों से असंतुष्ट है, तो उसे अपनी उत्तर पुस्तिका की रिचेकिंग का अधिकार मिलना चाहिए। इसके अवाला उन्होंने सेमेस्टर सिस्टम की विसंगतियों को दूर करने की भी मांग रखी।















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