Chhattisgarh High Court Summer Vacation Video Conference Hearing


बिलासपुर21 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए कामकाज में बदलाव किए हैं। - Dainik Bhaskar

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए कामकाज में बदलाव किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए अपनी कामकाज में बदलाव किए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर हाईकोर्ट प्रशासन ने समर वेकेशन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के लिए सर्कुलर जारी किया है।

इस आदेश के बाद भीषण गर्मी में वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सर्कुलर के मुताबिक समर वेकेशन के दौरान अदालती कार्यवाही सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी।

हालांकि, जो वकील किसी कारणवश वर्चुअली नहीं जुड़ पाएंगे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने की अनुमति रहेगी। जरूरत पड़ने पर कोर्ट खुद भी फिजिकल सुनवाई के निर्देश दे सकेगा।

कोर्ट की कार्यवाही सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। (AI इमेज)

कोर्ट की कार्यवाही सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। (AI इमेज)

कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम

हाईकोर्ट और जिला अदालतों के कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा सकती है। हालांकि रोटेशन व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहें, ताकि न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य सरकारी संचार माध्यमों पर हर समय उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा।

इस आदेश के बाद वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। (AI इमेज)

इस आदेश के बाद वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। (AI इमेज)

फ्यूल बचाने के लिए जज-अधिकारी करेंगे कार पूलिंग

फ्यूल की बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हाईकोर्ट ने नई पहल की है। इसके तहत राज्य के न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अफसरों और मंत्रालयीन कर्मचारियों के लिए व्हीकल पूलिंग यानी साझा वाहन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इतना ही नहीं, हाईकोर्ट के जजों से भी आपस में कार-पूलिंग करने का आग्रह किया गया है।

जरूरत पड़ने पर कोर्ट खुद भी फिजिकल सुनवाई के निर्देश दे सकेगा।

जरूरत पड़ने पर कोर्ट खुद भी फिजिकल सुनवाई के निर्देश दे सकेगा।

रजिस्ट्री को तैयारियों के निर्देश

इन सभी व्यवस्थाओं को बिना किसी बाधा के लागू करने के लिए हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहित अन्य जरूरी तकनीकी इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट प्रशासन का कहना है कि रमेश सिन्हा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तकनीक, आपसी समन्वय और संस्थागत जिम्मेदारी के जरिए आम जनता के लिए न्याय सुलभ बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह कदम देशहित में संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

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