NGT Nod for 7871 Trees; Bhopal News


अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट के आड़े आ रहे सैकड़ों पेड़ अब तक काटे जा चुके हैं।

भोपाल के 10 लेन अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट को नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) ने हरी झंडी दे दी है। आदेश मिलते ही हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के जरिए ठेकेदार ने पेड़ काटने शुरू किए। शुक्रवार को कई मशीनों से पेड़ों की कटाई की गई। इधर, पेड़ काटे जाने के वि

.

पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि हरियाली बचाने के लिए कई दिन तक आंदोलन किया था। अनुमति मिलने के बाद फिर से पेड़ काटे जाने लगे हैं। इसे लेकर फिर से अपना पक्ष रखेंगे। ताकि, सालों पुराने पेड़ बचाए जा सके।

मशीनों से हुई पेड़ों की कटाई

बता दें कि शुक्रवार को रत्नागिरि तिराहे से आसाराम तिराहे तक सड़क किनारे कई जगहों पर मशीनों से पेड़ काटे गए। मौके पर कम से कम चार बड़ी मशीनें लगातार पेड़ों की कटाई में लगी रहीं। जिस तेजी से काम चल रहा है, उसे देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगले तीन से चार दिन तक इस पूरे कॉरिडोर की हरियाली लगभग साफ हो सकती है। 836 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के तहत अयोध्या बायपास को सर्विस रोड सहित 10 लेन बनाया जाना है। इसके लिए 7,871 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है।

एनजीटी ने इन शर्तों के साथ दी थी अनुमति

एनजीटी ने दो दिन पहले पर्यावरणीय शर्तों के साथ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। जिसके बाद अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। पेड़ों की कटाई के साथ ही पूरे बायपास पर निर्माण गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। सड़क के कई हिस्सों में बैरिकेड लगाकर लेन संकरी कर दी गई है। रत्नागिरि तिराहे से आसाराम तिराहे तक लगभग हर 100 से 200 मीटर पर डायवर्जन बनाए गए हैं। इससे इस मार्ग से रोज गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भोपाल से ऐसे दिल्ली पहुंचा मामला

बता दें कि एनएचएआई भोपाल के अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 836.91 करोड़ रुपए से 10 लेन में बदल रहा है। यह 16 किलोमीटर लंबा है। इस प्रोजेक्ट में कुल 7871 पेड़ काटे जाने हैं, जो 40 से 80 साल तक के हैं। पिछले साल दिसंबर में तीन दिन में करीब आधे पेड़ काट दिए गए थे। इसका जमकर विरोध हुआ। इसके बाद मामला एनजीटी में पहुंचा और 8 जनवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई थी। इस पर दो-तीन सुनवाई भोपाल बेंच ने की। इसके बाद मामला दिल्ली बेंच में पहुंच गया। इसी मामले में सुनवाई पूरी की गई है।

याचिकाकर्ता सक्सेना ने बताया कि पेड़ों की कटाई के मामले में 22 दिसंबर को दिया गया स्थगन फिलहाल बरकरार रहेगा। इस निर्णय से याचिकाकर्ता को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है, क्योंकि हजारों की संख्या में पेड़ कटाई पर लगी रोक अभी जारी रहेगी।

एनएचएआई का अयोध्या बायपास को 10 लेन में बदलने का यह प्रोजेक्ट।

एनएचएआई का अयोध्या बायपास को 10 लेन में बदलने का यह प्रोजेक्ट।

पर्यावरणविद् ने किया था प्रदर्शन पेड़ों की कटाई का विरोध पर्यावरणविदों ने किया था। पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, उमाशंकर तिवारी, याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना, सुयश कुलश्रेष्ठ, राशिद नूर समेत अन्य लोगों ने कहा था कि पेड़ों को काटकर एनएचएआई हरियाली उजाड़ रही है। 10 लेन सड़क के बदले एनएचएआई एलिवेटेड प्रोजेक्ट पर काम कर सकता था, या फिर 10 की बजाय सिक्सलेन बनाने पर जोर दें। जिन पेड़ों को एनएचएआई नगर निगम के जरिए काट रहा है, उनकी उम्र 40 से 80 साल तक है।

पिछले साल लोगों ने पेड़ काटने का विरोध जताया था।

पिछले साल लोगों ने पेड़ काटने का विरोध जताया था।

कांग्रेसी भी कर चुके प्रदर्शन पेड़ों की कटाई को लेकर कांग्रेस भी विरोध प्रदर्शन कर चुकी हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी रविंद्र साहू झूमरवाला, जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, समेत कई कांग्रेसियों ने मास्क पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि बायपास के दोनों ओर जो भी पेड़ काटे जा रहे हैं, उनमें से कई की उम्र 80 से 100 साल या इससे अधिक है। इनके बदले यदि नए पौधे लगाए भी जाएंगे तो उनके पेड़ बनने में सालों बीत जाएंगे।

पेड़ काटे जाने का विरोध करते लोग।

पेड़ काटे जाने का विरोध करते लोग।

NHAI ने पेड़ों के बदले यह प्लान बनाया था

  • 10 लेन सड़क बनाने के बदले कुल 7871 पेड़ कटेंगे। उनके एवज में एनएचएआई कुल 81 हजार पौधे लगाएगा।
  • 10 हजार पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगेंगे। इनमें छाया, फलदार एवं शेड-बेयरिंग प्रजाति के पौधे शामिल हैं।
  • इन पौधों की 15 साल एनएचएआई देखरेख करेगा। करीब 20 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इस संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है।
  • नगर निगम के सहयोग से 10 हजार अतिरिक्त पौधों का रोपण किया जाएगा। नगर निगम ने NHAI को अलग-अलग पार्क, खाली भूमि और सड़क किनारे की उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई है।
  • झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में जिला प्रशासन ने भूमि दी है, जो राजस्व वन की है। यहां 61 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा।
  • इस क्षेत्र को विकसित वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जून-2026 तक सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी।

ये खबर भी पढ़ें…

भोपाल के अयोध्या बायपास पर 81 हजार पौधे रोपेगा NHAI

भोपाल के आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 16 किमी लंबे अयोध्या बायपास में जिन पेड़ों को काटा जाएगा, उसके बदले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 81 हजार पौधे रोपेगा। दूसरी ओर, 10 लेन करने के प्रोजेक्ट में सेंट्रल वर्ज की चौड़ाई को 5 मीटर से घटाकर 1.5 मीटर किया जा रहा है। यह बदलाव सिर्फ उस इलाके में होगा, जहां हरियाली है। ऐसा करने से 2075 पेड़ बचेंगे।पूरी खबर पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *