![]()
.
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची के निर्देशानुसार राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ गुमला में कक्षा भी 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय समर कैंप 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप आगामी 19 मई से 21 मई तक प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक विद्यालय स्तर पर आयोजित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए इस समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके सफल संचालन की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। जिले के कुल 1331 स्कूलों में इस कैंप का आयोजन होगा। जिसमें सवा लाख से अधिक बच्चे शामिल होंगे। प्रतिभागियों का विवरण प्रतिदिन भेजना होगा। इससे पहले प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में एक पूर्व तैयारी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, गतिविधियों का निर्धारण, दायित्व वितरण और आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय को समर कैंप के दौरान आयोजित गतिविधियों की फोटो व वीडियो संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधन प्रतिदिन कम से कम पांच सर्वश्रेष्ठ फोटो प्रोजेक्ट कार्यालय के व्हाट्सएप समूह में साझा करेगा। इसके अलावा कैंप में भाग लेने वाले विद्यालयों व प्रतिभागियों का विवरण प्रतिदिन शाम 5 बजे तक निर्धारित ई-मेल आइडी पर भेजना अनिवार्य होगा। 19 मई (पहला दिन) : खेल के साथ फिटनेस में योग अभ्यास, छोटी दौड़, मेढक दौड़, तीन टांग दौड़ और बॉल गेम आयोजित होंगे। बड़े बच्चों के लिए दौड़, रिले रेस, रस्सी कूद और स्किपिंग आदि शामिल हैं। इसके अलावा सृजन के संग बचपन के तहत मिट्टी, लकड़ी या कागज से खिलौने बनाना और झारखंड की संस्कृति से जुड़ी वस्तुओं का निर्माण सिखाया जाएगा। 20 मई (दूसरा दिन) : फिटनेस में खेल कौशल के तहत बैडमिंटन, पीटी, बॉल गेम, टारगेट थ्रो, कैरम, लूडो, शतरंज जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। बड़े बच्चों के लिए कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि का आयोजन होगा। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग में कक्षा 1 से 5 के लिए मेरा विद्यालय एवं साफ-सफाई तथा कक्षा 6 से 8 के लिए पर्यावरण और खेल का महत्व विषय रखा गया है। वहीं कक्षा 9 से 12 के लिए जल संरक्षण एवं स्वस्थ भारत विषय तय है। 21 मई (तीसरा दिन) : फिटनेस के अंतर्गत स्वदेशी खेल, प्रतिभा प्रदर्शन, जुम्बा, व्यायाम, कंचे का खेल, गिल्ली-डंडा, पिट्टू और गुलेल जैसे पारंपरिक खेल खेले जाएंगे। भाषण प्रतियोगिता में झारखंड की संस्कृति, वन का लाभ-हानि, विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल हैं। हस्तकला व कला-संस्कृति के तहत चित्र बनाना, रंग भरना, कहानी लेखन, कविता पाठ, नाटक, लोकगीत और क्षेत्रीय नृत्य का आयोजन होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।













Leave a Reply