आगरा में नकली दवाओं का सिंडिकेट पकड़ा:18 मेडिकल स्टोर्स से 23 लाख की दवाएं जब्त, तीन दिन चली लखनऊ टीम की जांच




लखनऊ मुख्यालय की विशेष औषधि टीम ने आगरा में तीन दिन तक चली कार्रवाई में नकली, सरकारी, एक्सपायरी और सैंपल दवाओं के बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है। टीम ने 18 मेडिकल स्टोरों और गोदामों पर छापा मारकर करीब 23 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त कीं। जांच के लिए 85 दवाओं के नमूने लिए गए हैं। कई मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। लखनऊ के सहायक आयुक्त औषधि बृजेश यादव ने बताया कि कार्रवाई में दिल्ली-एनसीआर से जुड़े गिरोह का पता चला है, जो नामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर नकली, एक्सपायरी, सरकारी और सैंपल दवाओं का अवैध कारोबार कर रहा था। गोपनीय सूचना के आधार पर टीम ने आगरा में अलग-अलग मेडिकल स्टोरों और गोदामों पर छापेमारी की। कई जगहों पर संदिग्ध दवाएं मिलीं, जो पहली नजर में नकली प्रतीत हो रही हैं। जांच के दौरान कई मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला। स्टॉक में भी भारी गड़बड़ी पाई गई। ऐसे में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने वाली फर्मों की 19.38 लाख रुपये की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई। वहीं कोल्डचेन मानकों का पालन न करने वाली फर्मों की 3.6 लाख रुपये की दवाएं सीज कर दी गईं। टीम ने नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। टीम को जांच में कई गंभीर अनियमितताएं भी मिलीं। नामी कंपनियों के नाम से हुबहू नकली दवाएं बनाई जा रही थीं। एक्सपायरी दवाओं पर केमिकल से तारीख मिटाकर नए लेबल लगाए गए थे। वहीं फिजीशियन सैंपल और सरकारी दवाओं से “नॉट फॉर सेल” चेतावनी हटाकर बाजार में बेचा जा रहा था। कार्रवाई के दौरान जीत केमिस्ट पर कोल्डचेन व्यवस्था खराब मिलने और बिल न दिखाने पर 16 लाख रुपये के इंजेक्शन फ्रीज कर दिए गए। साहनी मेडिकल एजेंसी से पांच लाख रुपये की दवाएं फ्रीज की गईं। युग फार्मा और नंदन फार्मा में बिना कोल्डचेन के जीवनरक्षक इंसुलिन का स्टॉक मिला। वीना एंटरप्राइजेज में केनाकॉर्ट इंजेक्शन की 293 संदिग्ध वायल मिलीं। ज्योति ड्रग हाउस में अवैध गोदाम से सैंपल दवाएं बरामद कर सीज की गईं। इसके अलावा श्री गणेश एंटरप्राइजेज, श्री जीएलएस फार्मा, श्री बिहारी जी फार्मा, श्री वैष्णो फार्मा, तनिष्का फार्मा समेत कई फर्मों से दवाओं के नमूने लिए गए हैं। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *