एमपी बोर्ड पुनर्मूल्यांकन में छात्र के 33 अंक बढ़े:पोर्टल पर 'नो चेंज'; मुख्यमंत्री से जांच की मांग




मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठ गए हैं। नरसिंहपुर जिले में गाडरवारा के एक छात्र के पुनर्मूल्यांकन में 33 अंक बढ़ गए, लेकिन बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर अभी भी ‘नो चेंज’ स्थिति दिख रही है। छात्र ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। गाडरवारा के निजी स्कूल के छात्र अभय कौरव को 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में हिंदी विषय में 40 अंक मिले थे। छात्र का मानना था कि उसने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए उसने रीटोटलिंग और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। पुनर्मूल्यांकन के बाद मंडल द्वारा जीमेल पर भेजी गई उत्तरपुस्तिका में अभय के अंक 40 से बढ़कर 73 हो गए, जिससे कुल 33 अंकों की वृद्धि हुई। हालांकि, माध्यमिक शिक्षा मंडल के ऑनलाइन पोर्टल पर उसके आवेदन की स्थिति अभी भी ‘नो चेंज’ दिखा रही है। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा मंडल की मूल्यांकन प्रक्रिया और तकनीकी प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि अंकों में इतनी बड़ी वृद्धि के बावजूद पोर्टल पर जानकारी अपडेट न होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। छात्र ने अपनी शिकायत में कहा है कि ऐसी त्रुटियां छात्रों के आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती हैं। जीमेल और डाक से भेजी शिकायत अभय ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल, आयुक्त लोक शिक्षण और कलेक्टर नरसिंहपुर सहित कई अधिकारियों को जीमेल और डाक के माध्यम से शिकायत भेजी है। इसमें उच्च स्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की गई है। इस संबंध में जानकारी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुशवाहा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।



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