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डिंडोरी जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित सुबखार रैयत गांव में भीषण जल संकट गहरा गया है। लगभग एक हजार की आबादी वाले इस गांव में नल जल योजना के बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए सुबह चार बजे से ही कतार में लगना पड़ता है। आवास टोला के निवासियों को तो डेढ़ किलोमीटर दूर घाट उतरकर गंदे कुएं से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कलेक्टर की जनसुनवाई में कई बार आवेदन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। गांव में नल जल योजना का कार्य जारी है और जल निगम की टंकी निर्माणाधीन है। गर्मी में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पंचायत ने एक बोर कराया है और पाइपलाइन बिछाकर कुछ निश्चित बिंदुओं पर पानी की आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण योगेश यादव के अनुसार, पंचायत भी दो-तीन दिन में एक बार ही पानी सप्लाई करती है। गांव में तीन जगह पानी के प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां सुबह चार बजे से ही बर्तन रखकर पानी का इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो लोगों को पानी मिल भी नहीं पाता। आवास टोला की स्थिति और भी गंभीर है। यहां न तो कोई हैंडपंप है और न ही नल जल योजना की पाइपलाइन बिछाई गई है। अंजली यादव बताती हैं कि उन्हें पानी के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर एक कुएं तक जाना पड़ता है, जिसका पानी गंदा और बदबूदार है। मजबूरीवश ग्रामीण इसी पानी का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने तीन बार कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन दिया है, जहां उन्हें टैंकर भेजने का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक टैंकर नहीं पहुंचा है। हाल ही में हुई जनगणना में इस टोले को वार्ड क्रमांक 1, नगर पालिका क्षेत्र बताया गया है, जिससे ग्रामीण असमंजस में हैं। इस संबंध में पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री अफजल अमानुल्लाह खान ने बताया कि जिले के कुल 454 गांवों को नल जल योजना में शामिल किया गया था। इनमें से 381 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 73 योजनाएं अभी भी निर्माणाधीन हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के 450 गांव जल निगम के अधीन हैं।
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डिंडोरी के गांव में गहराया जल संकट:सुबह 4 बजे से लगती है कतार, गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
















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