दिन में चोरी करने वाला आरोपी यूपी से गिरफ्तार:4 दिन पहले चादर बेचने रायपुर आया, भिलाई में रेकी के बाद चोरी की वारदात को दिया अंजाम, 25 टीम कर रही थी तलाश




300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने, कई शहरों तक पीछा करने और 25 टीमों की लगातार मेहनत के बाद दुर्ग पुलिस ने मेरठ के अंतरराज्यीय चोर गिरोह को पकड़ लिया। आरोपी इतने शातिर थे कि चादर बेचने के बहाने कॉलोनियों में घूमते, सुनसान मकानों की रेकी करते और फिर कुछ ही मिनटों में चोरी कर फरार हो जाते थे। सुपेला थाना क्षेत्र के नेहरू नगर में इन्होंने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में हासीम खान (24) निवासी शालीमार गार्डन, मेरठ और सलीम खान (28) निवासी शिवालकास, मेरठ शामिल हैं। सलीम ज्वेलर्स का संचालन करता था और चोरी का सोना खरीदता था। पुलिस ने बताया कि चोरी का सोना गलाकर बिस्किट बना दिया गया था। इस मामले में अभी एक आरोपी फरार है जिसकी तलाश में टीम लगी हुई है। सीसीटीवी के जरिए रायपुर,बिलासपुर, भोपाल और मेरठ पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक शुरुआत में चोरी की वारदातों में कोई बड़ा सुराग नहीं मिल रहा था। इसके बाद अलग-अलग इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। नेहरू नगर, कोसा नाला, पावर हाउस, चरोदा और कुम्हारी टोल प्लाजा से लेकर रायपुर के जय स्तंभ चौक और मौदहापारा तक संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। लगातार फुटेज जोड़ने के बाद पुलिस को दो संदिग्धों की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कड़ियां जोड़ी और बिलासपुर से लेकर भोपाल और उसके बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ में इन चोरों तक पहुंची। मेरठ में भी सीसीटीवी फुटेज चेक करने के बाद आरोपी की जानकारी मिली। वारदात से चार दिन पहले ही आए थे रायपुर
जांच में पता चला कि आरोपी रायपुर के मौदहापारा इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। मकान मालिक को उन्होंने खुद को चादर बेचने वाला व्यापारी बताया था। यहीं से पुलिस को बड़ा लिंक मिला। बताया जा रहा है कि भिलाई में वारदात से चार दिन पहले ही ये रायपुर आकर किराए के मकान में रूके थे। चादर बेचने के बात बताकर ये अन्य शहरों में जाकर रेकी करते थे और दोपहर में ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। एक साथी जो अभी फरार है वो बाहर पहरा देता था। ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई पुलिस
दुर्ग पुलिस ने आरोपियों को मेरठ में यूपी पुलिस की मदद से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई है। भोपाल पुलिस ने सबसे ज्यादा मदद की जानकारी देने में। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। इनमें एक चोरी करने वाला आरोपी है, जबकि दूसरा चोरी का माल खरीदने वाला ज्वेलर्स संचालक बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 400 ग्राम सोना और नगद रकम बरामद की है। बताया जा रहा है कि चोरी का सोना गलाकर बिस्किट बना दिया गया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। फिलहाल आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
आदतन चोर हैं ये आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मेरठ के रहने वाले हैं और पहले भी चोरी के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने बिलासपुर, नया रायपुर और जबलपुर में भी चोरी की वारदातें करना कबूल किया है। खास बात यह है कि ये सभी चोरियां दिन में की गईं। आरोपी ऐसे मकानों को निशाना बनाते थे, जिनमें बाहर से ताला लगा रहता था। चोरी का तरीका भी बेहद प्रोफेशनल था। आरोपी अपने बैग में कटर लेकर चलते थे। एक आरोपी बाहर खड़ा होकर नजर रखता था, जबकि दूसरा ताला काटकर घर के अंदर घुस जाता था। 30 से 35 मिनट के भीतर वे पूरी वारदात को अंजाम देकर निकल जाते थे। घटना के तुरंत बाद दोनों अपने मोबाइल बंद कर देते थे, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। 25 टीमें लगी थी तलाश में
एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि आरोपी ट्रेन से मेरठ से छत्तीसगढ़ आते थे। यहां आने के बाद उन्होंने एक्टिवा और मोटरसाइकिल की व्यवस्था की थी। पुलिस अब उस व्यक्ति की भी भूमिका जांच रही है, जिसने उन्हें वाहन उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि उसे भी कई बातों की जानकारी थी, इसलिए आगे उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। पूरे ऑपरेशन में 25 टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कुछ टीमें सिर्फ सीसीटीवी फुटेज देखने में लगी थीं, जबकि कुछ लोकेशन ट्रेस कर रही थीं। कई टीमें ह्यूमन इंटेलिजेंस पर काम कर रही थीं। राजनांदगांव और रायपुर की तरफ भी पुलिस ने अलग टीमें लगाई थीं। भिलाई, रायपुर, भोपाल, बिलासपुर और मेरठ तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब जाकर पूरी कड़ियां जुड़ सकीं।



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