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सिटी रिपोर्टर | बोकारो पश्चिम बंगाल पुंदाग के आनंद नगर स्थित आध्यात्मिक केंद्र में धर्म महासम्मेलन की पूर्व संध्या पर भव्य कीर्तन मंडप में चल रहे बाबा नाम केवलम् अखंड कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रकृति की गोद में बसे इस आध्यात्मिक केंद्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आदर्शवादी उपस्थित होकर कीर्तन और साधना में लीन रहे। इस अवसर पर आचार्य सवितानंद अवधूत ने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति का सबसे सुगम माध्यम कीर्तन है। कीर्तन भक्ति और ध्यान का अद्वितीय संगम है, जिसके माध्यम से व्यक्ति ईश्वर के साथ गहरा आत्मिक संवाद स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि कीर्तन की शक्ति मनुष्य को स्थिरता, अविरल ध्यान और आनंद की अनुभूति कराती है। यह मन, शरीर और आत्मा के समन्वय का श्रेष्ठ माध्यम है। कीर्तन के जरिए व्यक्ति अपने मन को संयमित कर इंद्रियों के विषयों से वैराग्य प्राप्त कर सकता है। आचार्य ने कहा कि कीर्तन एक श्रेष्ठ भावनात्मक एवं आध्यात्मिक साधना है, जो अशांति, तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाती है। यह व्यक्ति के भीतर छिपी आध्यात्मिक शक्ति को जागृत कर ईश्वर से गहरे संबंध स्थापित करने में सहायक बनती है। उन्होंने कहा कि कीर्तन समाज के बंधनों से मुक्त कर आत्मिक एवं मानसिक स्वतंत्रता का अनुभव कराता है। इसके माध्यम से प्रेम, सहानुभूति और एकाग्रता का विकास होता है, जिससे जीवन सुखी और समृद्ध बनता है।
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बाबा नाम केवलम् अखंड कीर्तन से गूंजा आनंद नगर, उमड़े श्रद्धालु












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