![]()
मेरठ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत मेरठ स्वास्थ्य विभाग में तैनात डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर (DPM) मनीष विसारिया पर भ्रष्टाचार और वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि विभागीय भर्ती, कर्मचारियों के नवीनीकरण, वार्ड बॉय नियुक्ति और टेंडरों में बड़े स्तर पर घूसखोरी का खेल चल रहा है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और संविदा कर्मियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार MBBS और आयुष डॉक्टरों की भर्ती के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। वहीं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के नवीनीकरण के बदले भी कथित रूप से रिश्वत मांगे जाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि कई कर्मचारियों से नौकरी बचाने के नाम पर दबाव बनाकर पैसे लिए जा रहे हैं। इसके अलावा डूडा के माध्यम से की जा रही वार्ड बॉय नियुक्तियों में भी प्रति व्यक्ति 50-50 हजार रुपये की उगाही का आरोप लगाया गया है। संविदा पर कार्य कर रहे फोर्थ क्लास कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया है कि उनकी सैलरी रोककर उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं।
मामले में वाहन टेंडर को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि विभाग की गाड़ियों का ठेका नियमों को दरकिनार कर DPM के करीबी की फर्म “पूजा ट्रैवल्स” को दिया गया। इससे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि DPM मनीष विसारिया मेरठ के पांडव नगर स्थित अपने आवास के नीचे बने फ्लोर से ही कार्यालय संचालन कर रहे हैं, जिसे लेकर भी विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन मामला अब विभागीय गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।
Source link
मेरठ DPM पर नौकरी के नाम पर रिश्वत का आरोप:वीडियो में दिख रहे लोगों से पैसा लेते हुए, आवास के नीचे ही हो रहा कार्यालय का संचालन














Leave a Reply