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सहारनपुर कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को सामाजिक न्याय पार्टी जनादेश के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने अतिपिछड़ा एवं महादलित समाज को अलग आरक्षण देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से पिछड़े और महादलित समाज को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। उनका कहना था कि इस कारण समाज के कमजोर वर्ग आज भी सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े हुए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कश्यप और युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शेखर कश्यप ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत कई आयोग गठित किए गए, लेकिन अतिपिछड़ों को उनका वास्तविक हक नहीं मिल सका। उन्होंने उल्लेख किया कि मंडल आयोग, जस्टिस रोहिणी आयोग और उत्तर प्रदेश की राघवेन्द्र कमेटी ने पिछड़े वर्गों के अंदर वर्गीकरण की सिफारिश की थी, लेकिन इस पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर अतिपिछड़ा वर्ग को 9 प्रतिशत अलग आरक्षण देने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक राजनीतिक आरक्षण सुनिश्चित करने की भी मांग की गई, ताकि समाज की भागीदारी बढ़ाई जा सके। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि अतिपिछड़े और महादलित समाज पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और ऐसे मामलों की सुनवाई ठीक से नहीं होती। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर एक अलग “पिछड़ा एक्ट” बनाने की मांग की, ताकि पीड़ित समाज को न्याय मिल सके। अन्य मांगों में प्राथमिक स्तर से उच्च शिक्षा तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना और महार/तुरैहा जाति को अभिलेखों में दर्ज करना शामिल था। युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शेखर कश्यप ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार का विरोध किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि सामाजिक न्याय पार्टी प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, ताकि अतिपिछड़े समाज की आवाज विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचाई जा सके।
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सहारनपुर कलेक्ट्रेट पर सामाजिक न्याय पार्टी का प्रदर्शन:अतिपिछड़ों को 9 प्रतिशत अलग आरक्षण देने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन















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