'हनीमून', 'आइटम गर्ल', 'सोनिया के ATM', वाले बयान चर्चा में:छत्तीसगढ़ में नेताओं के ये रिएक्शंस खूब वायरल हुए; जमकर बवाल भी हुआ




“ऐसा लग रहा है जैसे प्रधानमंत्री मोदी, मेलोनी के साथ हनीमून मनाने गए हैं…” छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पीएम नरेन्द्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर ये बयान दिया है। मोदी और मेलोनी की तस्वीरों और वीडियो को लेकर दिए गए इस बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर राजनीति हो रही है। दीपक बैज ने कहा कि दोनों नेताओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर ‘वेडिंग शूट’ जैसी लग रही हैं। उन्होंने कहा कि देश महंगाई और दूसरी समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री की तस्वीरें और रील्स ज्यादा चर्चा में हैं। भाजपा नेताओं ने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बीजेपी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे देश के हित और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े होते हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में इटली दौरे पर गए थे। इस दौरान जार्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। मेलोडी चॉकलेट के साथ बनाई गई रील के बाद सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ ट्रेंड शुरू हो गया। देशभर में इसको लेकर मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगे। छत्तीसगढ़ में NSUI कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर लोगों को मेलोडी चॉकलेट बांटकर विरोध जताया। कांग्रेस ने महंगाई का मुद्दा उठाया, तो भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा लगातार मर्यादा पार कर रही है। हालांकि छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह पहला मौका नहीं है, जब किसी बयान ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा किया हो। यहां नेताओं के कई बयान राष्ट्रीय सुर्खियां बने। कई मामलों में विरोध प्रदर्शन हुए, शिकायतें दर्ज हुईं और नेताओं को सफाई तक देनी पड़ी। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ के वो बड़े विवादित बयान, जिन्होंने राजनीति में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया था… मोदी का सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए चरणदास महंत के बयान पर चुनाव के बीच मचा था हंगामा अप्रैल 2024… लोकसभा चुनाव पूरे चरम पर था। राजनांदगांव सीट पर मुकाबला हाईप्रोफाइल बन चुका था, क्योंकि यहां से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस की सभा में मंच पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत मौजूद थे। सभा के दौरान महंत ने कहा- ‘हमें नरेंद्र मोदी का मूड़ (सिर) फोड़ने वाला आदमी चाहिए। नरेंद्र मोदी के खिलाफ अगर कोई लाठी लेकर खड़ा हो सकता है, तो वो भूपेश बघेल हैं।’ महंत ने आगे कहा था कि राजनीति में कई लोग सीधे-साधे होते हैं, लेकिन लड़ाई लड़ने के लिए अलग तरह का नेता चाहिए। जैसे ही बयान सामने आया, भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली भाषा इस्तेमाल कर रही है। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा। भाजपा ने शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। कई दिनों तक यह बयान राष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहा। कांग्रेस नेताओं ने बाद में कहा कि बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है, लेकिन तब तक राजनीतिक विवाद काफी बढ़ चुका था। RSS की हालत नक्सलियों जैसी भूपेश बघेल के बयान पर संघ और भाजपा सड़कों पर उतर आए थे अक्टूबर 2021… उस समय छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। एक कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा – “RSS की स्थिति भी नक्सलियों जैसी है। जैसे नक्सलियों के नेता आंध्र प्रदेश और दूसरे राज्यों में बैठते हैं और यहां के लोग सिर्फ गोली चलाने और गोली खाने का काम करते हैं, वैसे ही RSS भी नागपुर से संचालित होता है।” उन्होंने यह भी कहा था कि छत्तीसगढ़ में RSS के लोगों का कोई स्वतंत्र वजूद नहीं है और फैसले नागपुर से होते हैं। बयान सामने आते ही भाजपा और संघ से जुड़े संगठनों ने बड़ा विरोध शुरू कर दिया। कई शहरों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। जगह-जगह मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लाखों स्वयंसेवकों का अपमान किया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने संगठनात्मक ढांचे की तुलना की थी। यह बयान कई दिनों तक राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा। “भूपेश बघेल सोनिया गांधी के ATM हैं” ED की रेड के बीच रमन का बयान बना राजनीतिक मुद्दा अक्टूबर 2022 में छत्तीसगढ़ में ED की कार्रवाई लगातार चर्चा में थी। कोयला कारोबार और कथित अवैध वसूली के मामले में कई अफसरों और कारोबारियों के यहां छापे पड़े थे। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा – “मैं सालभर से कह रहा हूं कि भूपेश बघेल, कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी के ATM बने हुए हैं।” रमन सिंह ने आरोप लगाया कि कोयले में प्रति टन अवैध वसूली हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरबा का पान ठेला चलाने वाला व्यक्ति भी जानता है कि पैसा कौन ले रहा है और कहां जा रहा है। बयान सामने आते ही कांग्रेस ने पलटवार किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा एजेंसियों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा बिना सबूत आरोप लगा रही है। कांग्रेस नेताओं ने रमन सिंह से माफी मांगने की मांग की और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। यह बयान कई दिनों तक प्रदेश की राजनीति में सबसे बड़ा मुद्दा बना रहा। “छोटा आदमी…” एक बयान के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर बदल लिया था अपना नाम अप्रैल 2019… लोकसभा चुनाव का माहौल था। भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही थी। इसी दौरान रमन सिंह ने भूपेश बघेल को “छोटा आदमी” और “छोटी सोच” वाला नेता कहा। बयान सामने आते ही कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई, जब भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट का नाम बदलकर “छोटा आदमी भूपेश बघेल” कर लिया। उन्होंने लिखा कि वे किसान परिवार से आते हैं और उन्हें छोटा आदमी कहलाने पर गर्व है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब और किसान वर्ग के अपमान से जोड़कर भाजपा पर हमला बोला। सोशल मीडिया पर यह मामला कई दिनों तक ट्रेंड करता रहा। बाद में रमन सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि उनका आशय अटल बिहारी वाजपेयी की कविता “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता” से था। हालांकि तब तक यह बयान प्रदेश की राजनीति का बड़ा विवाद बन चुका था। “दीनदयाल की मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते?” अमित बघेल के बयान पर कई राज्यों में प्रदर्शन, गिरफ्तारी तक पहुंचा मामला अक्टूबर 2025 में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में अमित बघेल पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, महाराजा अग्रसेन और सिंधी समाज को लेकर विवादित टिप्पणी करते दिखाई दिए थे। वीडियो में उन्होंने कहा था- “दीनदयाल की मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते?” इसके साथ ही उन्होंने महाराजा अग्रसेन और भगवान झूलेलाल को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वीडियो सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, भिलाई, राजनांदगांव और अंबिकापुर समेत कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं, अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। कई जगह अमित बघेल के पुतले जलाए गए। थानों में शिकायतें दर्ज कराई गईं और गिरफ्तारी की मांग उठी। मामला छत्तीसगढ़ से निकलकर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर भी बयान को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आती रहीं। कई व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने बयान जारी कर विरोध दर्ज कराया। विरोध बढ़ने के बाद पुलिस ने अमित बघेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। कई दिनों तक तलाश के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों की भीड़ थाने के बाहर जमा हो गई थी। बाद में अमित बघेल ने कहा था कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर दिखाया गया, लेकिन तब तक यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका था। “पुलिस को तीर-धनुष से भगाओ” कवासी लखमा के वीडियो पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा बस्तर क्षेत्र में लोकसभा के चुनावी सभा के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी का बयान विवादों में आ गया था। सभा के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे कथित तौर पर ग्रामीणों से कह रहे थे- “पुलिस को तीर-धनुष से मारकर भगाओ…” एक दूसरे वीडियो में भी वे खदान विरोध आंदोलन के दौरान ग्रामीणों से पुलिस को तीर-धनुष से भगाने की बात करते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर आदिवासी इलाकों में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले बयान दे रहे हैं। बाद में कवासी लखमा ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को हिंसा के लिए उकसाना नहीं था। “कांग्रेस मंत्रिमंडल की आइटम गर्ल” अजय चंद्राकर के बयान पर कांग्रेस महिला संगठन ने जताई थी नाराजगी जुलाई 2022 में खाद और बीज संकट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज थी। तत्कालीन मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा नेताओं को सलाह दी थी कि अगर खाद-बीज की इतनी चिंता है तो दिल्ली जाकर प्रदर्शन करें। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर ने मीडिया से चर्चा में कहा- “मैं कवासी लखमा की बातों को गंभीरता से नहीं लेता। वो कांग्रेस मंत्रिमंडल के आइटम गर्ल हैं।” बयान सामने आते ही कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। महिला संगठनों ने भी इस बयान को लेकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं की भाषा लगातार अमर्यादित होती जा रही है। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि बयान राजनीतिक संदर्भ में दिया गया था। यह बयान भी कई दिनों तक प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना रहा। ………………………. इससे संबंधित ये खबर भी पढ़ें… 1. CM का RSS पर बड़ा हमला:बघेल बोले- साम्प्रदायिकता और धर्मांतरण में इनकी मास्टरी; ये दंगा भड़काकर शहर बर्बाद करेंगे, हम ऐसा होने नहीं देंगे छत्तीसगढ़ के कवर्धा में हुए साम्प्रदायिक हिंसा के बहाने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठनों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने RSS पर बड़ा जुबानी हमला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, इन लोगों की दो ही चीजों में मास्टरी है। एक धर्मांतरण और दूसरी साम्प्रदायिकता। ये लोग हर छोटी घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा कतई नहीं होने दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर 2. चरणदास बोले- मोदी का मूड़ फोड़ने वाला आदमी चाहिए:छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष का विवादित बयान; मंच से कहा-नवीन जिंदल को मारने चाहिए जूते छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने PM मोदी और उद्योगपति नवीन जिंदल को लेकर विवादित बयान दिया है। महंत ने कहा कि, हमें नरेंद्र मोदी का मूड़ (सिर) फोड़ने वाला आदमी चाहिए। रात-दिन तंग करके चीन भेजने वाला आदमी चाहिए। वहीं जिंदल के लिए कहा कि ऐसे लोगों को जूते मारने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर 3. रमन सिंह पर केस करेंगे CM भूपेश:बोले-सोनिया गांधी का ATM कहा; कोयले पर प्रति टन 25 रुपए लेने का आरोप प्रमाणित करें छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी अदालतों की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ मानहानि का दावा ठोकने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा, डॉक्टर रमन सिंह ने उन्हें सोनिया गांधी का एटीएम कहा है। कोयले पर प्रति टन 25 रुपए लेने का आरोप लगाया है। वे इसे प्रमाणित करें नहीं तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। पढ़ें पूरी खबर 4. अमित बघेल को SC से फटकार, कहा-जुबान पर लगाम रखें:FIR क्लब करने की मांग खारिज, जहां-जहां केस, वहां कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। पढ़ें पूरी खबर 5. पूर्व मंत्री ने आबकारी मंत्री को आइटम गर्ल कहा:अजय चंद्राकर बोले- मैं कवासी लखमा को गंभीरता से नहीं लेता कांग्रेस के नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री कवासी लखमा और अजय चंद्राकर आमने सामने हैं। एक बयान में भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कवासी को आइटम गर्ल तक कह दिया। मंत्री को आइटम गर्ल कहा जाना अब कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा और दोनों दलों के नेताओं के बीच विवाद की लकीर खिंच चुकी है। पढ़ें पूरी खबर



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