444 में से 290 घाटों का टेंडर, पर एक भी घाट से बालू का उठाव नहीं




झारखंड में पिछले 8 साल से बिक रहा चोरी का बालू रांची सहित राज्यभर में पिछले आठ सालों से बालू की अवैध बिक्री हो रही है। क्योंकि, झारखंड में वर्ष 2017 के बाद बालू घाटों का टेंडर पिछले वर्ष अक्टूबर में हुआ। 24 जिलों में कैटेगरी बी के 444 बालू घाटों में मात्र 290 घाटों का ही टेंडर किया गया। लेकिन उससे भी बालू का उठाव शुरू नहीं हुआ है। क्योंकि, पर्यावरण स्वीकृति सहित अन्य एनआेसी की वजह से अभी तक घाटों से बालू का खनन नहीं हो पाया है। तीन जिले ऐसे हैं, जहां एक भी घाट का ​टेंडर नहीं हुआ है। अब 25 दिन बाद 10 जून से राज्यभर के बालू घाटों से बालू खनन पर एनजीटी की रोक लग जाएगी। ऐसे में लोगों को विधिवत बालू नहीं मिलेगा। लेकिन परेशान होने की जरुरत नहीं है। क्योंकि, पिछले आठ सालों से सभी सरकारी आैर निजी कार्य बालू के बिना बंद नहीं हुए हैं। पूरे राज्य में बालू की अवैध बिक्री हो रही है। इस पर कोई रोक-टोक नहीं है। बालू के इस खेल में थानेदार से लेकर प्रशासन के वरीय अधिकारी सहित नेता-माफिया मालामाल हो रहे हैं। अभी भी रांची सहित अन्य जिलों में 100 सीएफटी बालू 3000 से 6000 रुपए में बिक रहा है। मानसून शुरू होने पर इसकी कीमत में 500 से 1000 रुपए प्रति 100 सीएफटी की ओर बढ़ोतरी होने की संभावना है। तीन जिलों में एक भी बालू घाट का टेंडर नहीं जिला घाट टेंडर तैयार बोकारो 07 07 02 चतरा 22 00 00 देवघर 31 31 00 धनबाद 17 19 00 दुमका 33 12 05 प. सिंहभूम 12 00 00 गढ़वा 20 01 00 गिरिडीह 23 00 00 गोड्‌डा 16 04 04 गुमला 31 18 00 हजारीबाग 11 11 06 जामताड़ा 21 04 03 जिला घाट टेंडर तैयार खूंटी 25 20 02 कोडरमा 33 01 00 लातेहार 08 04 04 लोहरदगा 17 13 00 पाकुड़ 11 02 00 पलामू 19 00 00 रामगढ़ 06 06 03 रांची 19 19 03 साहिबगंज 25 01 00 सरायकेला 13 01 00 सिमडेगा 16 16 00 पूर्वी सिंहभूम 10 02 03 मानसून से पहले मात्र 35 बालू घाटों से खनन शुरू होने की उम्मीद
राज्यभर में 290 बालू घाटों का टेंडर हो चुका है। लेकिन इसमें से मात्र 35 बालू घाट ही ऐसे हैं, जो खनन के लिए तैयार हैं। क्योंकि, खनन विभाग ने झारखंड सैंड माइनिंग रूल-2026 में एक संशोधन किया है। इसके तहत बालू लीज की निगरानी का जिम्मा डीसी के पास होगा। डीसी ही लीज डीड पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद ही बालू का उठाव संभव होगा। ऐसे में अगले 20 दिनों में इन घाटों से भारी मात्रा में बालू के खनन की तैयारी है। इन घाटों से रोजाना करीब 10 लाख सीएफटी बालू निकालने की तैयारी है, ताकि मानसून के दौरान बालू की किल्लत न हो। इन घाटों से शुरू होगा खनन बोकारो : पिछरी -2 बालू घाट, खेटको चलकारी घाट
दुमका : हरिपुर बालू घाट, छोटाकमती बालू घाट, कटनाई बालू घाट, सिमरा और हरिपुर बालू घाट
खूंटी : पांडू बालू घाट, बुधिरोमा बालू घाट
जामताड़ा : बनखेत बालू घाट
हजारीबाग : कंदटारी, सांढ़ एम सोनपुरा, बैरिसाल, लंगातू सिकरी, गोसाईं बलिया, चोबदार बलिया
रांची : चोकसेरेंगे बालू घाट, श्यामनगर, सुंडिल बालू घाट
गोड्डा : जसमाता बालू घाट-2, राहा बालू घाट, घाट झिलुआ, सनातन घाट।



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