सिटी रिपोर्टर | रांची जय मां काली जगदंबा ट्रस्ट की ओर से मणिटोला में शुक्रवार से तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव की शुरुआत होगी। गुरुवार को गांव की कन्याओं व महिलाओं द्वारा भव्य रंगोली बनाई गई। इस रंगोली को बनाने में छोटी-छोटी कन्याओं ने भी योगदान दिया। ट्रस्ट के सचिव पवन पासवान ने बताया कि 2001 में रंगोली बनाने की परंपरा शुरू की गई थी। उन दिनों एक महीने पूर्व से ही रंगोली बनाने का काम शुरू हो जाता था। कुछ सालों से इसमें बदलाव आया और अब यह रंगोली एक दिन में बनाई जाती है। नीतू कुमारी, अर्पणा कुमारी, पूजा कुमारी, अंजना टोप्पो, सिमरन टोप्पो, सोनी कुमारी समेत 50 से अधिक महिलाओं ने 200 मीटर तक रंगोली बनाई। मंदिर और मां के दरबार को बंगाल, बेंगलुरु व हैदराबाद से कार्नेशन, जलवीय, ऑर्किड, सूरजमुखी और गुलाब, गेंदा जैसे खास 4000 किलो फूलों से सजाया जा रहा है। ट्रस्ट के सचिव पवन पासवान ने बताया कि 15 दिन पहले से ही बंगाल के कारीगर पूजा पंडाल बनाने में जुटे हैं। मंदिर की साज-सज्जा के लिए बंगाल से 7 और माता रानी के शृंगार के लिए रांची के स्थानीय 10 कारीगर लगे हैं। 15 मई को शाम 5 बजे से भव्य शोभायात्रा मंदिर से निकाली जाएगी। इसमें सरायकेला-खरसावां के नगाड़े पहली बार आकर्षण का केंद्र बनेंगे। रांची की ताशा पार्टी, बंगाल से ढाक व झारखंड के ढोल-नगाड़े शामिल होंगे। मुकुंद नायक की टीम 51 ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल होगी। शोभायात्रा में 100 पुरुष झंडे लेकर और महिलाएं शृंगार की टोकरी लेकर चलेंगी। इससे पूर्व सुबह में मां काली की पूजा होगी। 16 मई को सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक पूजा-अर्चना होगी। माता रानी को 224 प्रकार के मिष्ठान का भोग लगेगा। 17 मई को पहली बार मां काली की आरती बनारस की तर्ज पर होगी। इसके लिए 7 पुरोहित बनारस से आ रहे हैं। मां के दर्शन के लिए जापान, यूपी, नागपुर, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल, ओडिशा, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से सवा लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसी दिन महाभंडारा होगा। 17 मई को शाम 4 से रात 10 बजे तक माता का भव्य जागरण किया जाएगा।
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मणिटोला बड़ा पूजा महोत्सव आज से, 51 ढोल-नगाड़ों के साथ निकलेगी शोभायात्रा












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