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रतलाम से निकलने वाले महू-नीमच फोरलेन पर एक बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। वहीं दूसरे को उपचार के लिए अहमदाबाद भेजा गया है। जिस युवक की मौत हुई लोगों ने रुपए जोड़कर उसका अंतिम संस्कार कराया। लोगों ने कहा कि परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिलाया जाए। हादसा बड़ौदा फंटे पर गुरुवार रात करीब 9 बजे हुआ। मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह नाराजगी जाहिर की। जिस बस ने टक्कर मारी थी उसकी अन्य बसों को ग्रामीणों ने फोरलेन पर रोक दिया। उन्होंने शव को एंबुलेंस में रखकर फोरलेन पर चक्काजाम कर मुआवजे की मांग की। बड़ौदा निवासी कान्हा उर्फ सोनु पिता बसंतीलाल (25) व सुखराम पिता भगवान मालवीय (23) जावरा की तरफ से अपने गांव जाने के लिए बड़ौदा फंटा क्रॉस कर रहे थे। इस दौरान रतलाम की तरफ से जावरा की तरफ जा रही मीनाक्षी बस के ड्रायवर ने टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक सवार दोनों घायल हो गए। रात में रतलाम मेडिकल कॉलेज लाते समय रास्ते में कान्हा उर्फ सोनु की मौत हो गई। वहीं सुखराम की हालात गंभीर होने पर परिजन मेडिकल कॉलेज से रैफर कराकर अहमदाबाद लेकर गए। परिजनों को मुआवजा देने की मांग
ग्रामीण और परिजन सुबह कान्हा के शव का पीएम होने के बाद रतलाम से शव लेकर गांव जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने टक्कर मारने वाली बस संचालक की अन्य बसों को रोकना शुरू कर दिया। सभी ने शव को एंबुलेंस में रख विरोध जताया। मौके पर सबसे पहले नामली थाना प्रभारी अमित कोरी, तहसीलदार प्राची गायगवाड़ व अन्य पहुंचे। आक्रोशितों को समझाया। ग्रामीणों को कहना था कि मृतक व घायल के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। अंतिम क्रिया तक के भी रुपए नहीं है। बस मालिक से मुआवजा राशि दिलाई जाए। जैसे-तेसै अधिकारियों ने समझाया। मौके पर मौजूद मीनाक्षी बस कर्मचारियों के जरिए दोनों के परिवार को 25-25 हजार राशि देना तय हुआ। इसके बाद शव लेकर परिजन गांव के लिए रवाना हो गए। इस दौरान गांव के पूर्व सरपंच अभिषेक शर्मा, सरपंच पुत्र जितेंद्र पांचाल, राजेश जाट, मुकेश मालवीय आदि मौजूद रहे। गांव गए वापस शव लेकर आए
थाना प्रभारी व तहसीलदार की समझाइश के बाद शव लेकर गांव जाने के बाद कुछ लोग नहीं माने। वापस गांव से एंबुलेंस से शव लेकर बड़ौदा फंटे पर आ गए। एंबुलेंस को फोरलेन की बीच खड़ा कर जक्काजाम कर दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। बाद में एसडीओपी किशोर पाटनवाला, ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर पहुंचे। ग्रामीणों से बात की उन्हें समझाया। फोरलेन पर प्रदर्शन के कारण करीब 20 मिनट तक रोड बंद रहा। इससे दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। फिर से समझाया, सख्ती दिखाई
पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि दुर्घटना के बाद रात में नामली थाना पुलिस ने बस को जप्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन बस संचालक से 50 लाख रुपए मुआवजे दिलाने की मांग करने लगे। तब अधिकारियों ने समझाया कि मुआवजे को लेकर कानूनी रूप से भी प्रकिया होगी वह की जाएगी। इसके बाद थोड़ी सख्ती दिखाने के बाद ग्रामीण माने, फिर शव लेकर रवाना हुए। अंतिम संस्कार की राशि एकत्र की
मृतक के परिवार में घर में मां व पत्नी के अलावा एक डेढ़ साल का बेटा है। जवान बेटे के खोने के बाद घर के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक का एक छोटा भाई भी है जो अलग नामली में रहता है। घर में कमाने वाला एक मात्र कान्हा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर ग्रामीणों ने रुपए एकत्र कर अंतिम संस्कार की क्रिया कराई। फंटे पर लाइट नहीं
जिस जगह दुर्घटना हुई वहां पर स्पीड ब्रेकर बने हुए है। रोड किनारे कुछ ढाबे बन गए है। इससे वाहन रोड किनारे खड़े रहते है। इस वजह से आने वाले वाहनों को फंटे की क्रॉसिंग नहीं दिखाई देती है। स्पीड ब्रेकर से रोड क्रॉस करने के बजाए वाहन चालक साइड से अपने वाहन निकालते है। ऐसे में अंधेरा होने के कारण फंटा क्रॉस करने वालों को दुर्घटना का डर बना रहता है। फंटे पर लाइन भी नहीं लगी है। नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि रात में ही बस को जप्ती में लेकर ड्रायवर को गिरफ्तार कर लिया था। शासन के नियमानुसार जो भी प्रक्रिया होगी वह की जाएगी।
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बस की बाइक में टक्कर से युवक की मौत:दूसरा अहमदाबाद रैफर; फोरलेन पर दो बार डेड बॉडी रखकर चक्काजाम, 50 लाख मुआवजा मांगा














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