डिंडौरी में आंधी-तूफान से घरों के छप्पर उड़े:पेड़ गिरने से रास्ते बंद, ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित




डिंडौरी जिले में शुक्रवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई गांवों में मकानों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर गए और ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे से बंद हुई बिजली आपूर्ति शनिवार दोपहर तक भी कई गांवों में बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। कई घरों के उड़े छप्पर आंधी-तूफान से जिले के कई गांवों में नुकसान हुआ है। डिंडौरी तहसील की चिचरिंगपुर ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम मोहन झिर में मजबूत परस्ते और चंदौल गांव में सदामी धुर्वे के घरों के छप्पर तेज हवा में उड़ गए। पीड़ित परिवारों ने बताया कि तूफान इतना तेज था कि घरों की छतें उड़ने के साथ गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया। हालात ऐसे बने कि प्रभावित परिवारों को रात पड़ोसियों के घरों में बितानी पड़ी। पेड़ गिरने से रास्ते बंद, गांवों में अंधेरा तेज हवाओं के कारण कई जगह बड़े पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे रास्ते बाधित हो गए। मेहदवानी, शहपुरा, समनापुर, बजाग, अमरपुर और करंजिया समेत कई ग्रामीण इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली कंपनी की टीम मरम्मत में जुटी बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर उमेश कचेर ने बताया कि कई जगह बिजली लाइनों पर पेड़ गिर गए हैं और कुछ खंभे भी टूट गए हैं। विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हैं और जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने शुरू कराया नुकसान का सर्वे एसडीएम राम बाबू देवांगन ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए पटवारियों को प्रभावित गांवों में भेजा गया है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे बिजली बंद रहने के दौरान लोगों को उमस और गर्मी का ज्यादा सामना करना पड़ा।



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