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सोनभद्र के घोरावल ब्लॉक में बेसिक शिक्षा विभाग में गंभीर अनियमितता सामने आई है। यहां प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक बिना पढ़ाए वेतन ले रहे हैं और मात्र 2,000 से 3,000 रुपए प्रति माह के ठेके पर स्थानीय शिक्षित व्यक्तियों से बच्चों को पढ़वा रहे हैं। यह मामला सामने तब आया, जब शनिवार को पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के नेता रमेश चंद दुबे ने प्राथमिक विद्यालय सुअरहवा टोला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक व्यवस्था देखकर हैरान रह गए। विद्यालय में नामांकित 95 बच्चों के मुकाबले केवल 20 बच्चे उपस्थित थे, जो कक्षा में अव्यवस्थित बैठे थे। एक युवती बच्चों को पढ़ा रही थी। पूछताछ पर पता चला कि विद्यालय के शिक्षक वाराणसी के निवासी हैं। वे कभी-कभार ही विद्यालय आते हैं और एक साथ उपस्थिति पंजिका में हाजिरी दर्ज कर चले जाते हैं। उन्होंने गांव की ही युवती आंचल को पढ़ाने का ठेका दिया हुआ है, जिसके लिए उन्हें मात्र 2,500 रुपए प्रति माह दिए जाते हैं। पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा विभाग में यह अनियमितता कई वर्षों से चल रही है। उन्होंने कहा कि घोरावल ब्लॉक के दर्जनों विद्यालयों में शिक्षक पढ़ाने नहीं आते हैं, और यह सब उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में कई अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही व्यवस्था प्रचलित है। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी घोरावल अरविंद सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय सुअरहवा में शिक्षक का गायब रहना व गांव के अप्रशिक्षित युवती से कक्षा चलवाने की जानकारी आज संज्ञान में आई है। उक्त शिक्षक के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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घोरावल में शिक्षक अनुपस्थित, बिना पढ़ाए ले रहे वेतन:प्राथमिक विद्यालय में 2500 रुपए में छात्रों को पढ़ा रही युवती, बीईओ बोले- कार्रवाई की जाएगी















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