मोदी सरकार की नीतियों पर उमेश पटेल का हमला:कहा- 12 साल में नहीं बने क्रूड ऑयल भंडार, आर्थिक संकट मोदी सरकार की देन




बिलासपुर में पूर्व मंत्री और मनरेगा बचाओ आंदोलन के प्रदेश संयोजक उमेश पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता से की गई अपील पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी, साथ ही बढ़ती महंगाई के लिए मोदी सरकार की विफलता जिम्मेदार है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है। पटेल ने विशेष रूप से कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने क्रूड ऑयल का एक भी नया भंडार नहीं बनाया है। उन्होंने दावा किया कि देश में मौजूद तीनों क्रूड ऑयल भंडार कांग्रेस शासनकाल की देन हैं। कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बात करते हुए पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदी देश की जनता को सोना न खरीदने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, किसानों को रासायनिक खाद का उपयोग न करने और विदेश यात्राएं न करने की सलाह दे रहे हैं। पटेल के अनुसार, यह सलाह इसलिए दी जा रही है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि रुपये के मूल्य में लगातार गिरावट आ रही है और मोदी सरकार इसे रोकने में विफल रही है। इसके परिणामस्वरूप देश में महंगाई बढ़ रही है और देश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी असफल नीतियों को छिपाने के लिए ही देश की जनता से विदेश यात्रा न करने और सोना न खरीदने जैसी अपीलें कर रहे हैं। संकट से निपटने सरकार के पास कोई नीति नहीं पटेल ने कहा कि मौजूदा संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार के पास कोई नीति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि साल 2008 में जब देश में आर्थिक संकट जैसी स्थिति बनी थी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों की वजह से भारत पर उसका ज्यादा असर नहीं पड़ा था। पॉलिसी पेरालिसिस का शिकार है मोदी सरकार पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास न कोई नीति है और न कोई विचार या तरीका है। मुझे लगता है ये सरकार पॉलिसी पेरालिसिस का शिकार हो गई है, शायद इसीलिए उन्हें जनता से अपील करना पड़ रहा है। 12 साल में मोदी सरकार ने एक भी भंडार नहीं बनाए पटेल ने आरोप लगाया कि देश में गैस, पेट्रोल, डीजल के संकट के पीछे मोदी सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है, क्योंकि 12 वर्षों में उन्होंने देश में क्रूड ऑयल के एक भी भंडार नहीं बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश में जो क्रूड ऑयल के तीन भंडार क्रमश: विशाखापट्नम, बेंगलुरू और पेडूर (कर्नाटक) में हैं। तीनों का निर्माण 2008 से 2014 के बीच कांग्रेस शासनकाल में हुआ और इनकी भंडारण क्षमता 5,33 मिलियन टन है। खुद विदेश यात्राएं कर रहे पटेल ने डीजल, पेट्रोल बचाने और विदेश यात्राएं नहीं करने की अपील पर तंज कसते कहा कि प्रधानमंत्री ये अपील अपने मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों से करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक ओर विदेश नहीं जाने की नसीहत देते हैं और खुद 15 मई से विदेशों की यात्राएं कर रहे हैं। उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि अपने कार्यकाल में मोदी 70 देशों की यात्राओं पर 815 करोड़ रुपए खर्च कर 300 से अधिक दिन विदेशों में बिता चुके हैं। पेट्रोल, डीजल से लेकर किचन तक सब महंगा पटेल ने आरोप लगाया कि सोना नहीं खरीदने की अपील करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में साल 2013 की तुलना में आज सोना 50 गुना महंगा हो चुका है। पेट्रोल के दाम 70 लीटर से बढ़कर अब 104 रुपए, डीजल के दाम 55 से बढ़कर 95 रुपए और गृहिणियों के किचन का सारा सामान महंगा हो चुका है। किसानों को उत्पादकता घटाने कह रहे पटेल ने कहा कि एक ओर तो किसानों को खाद नहीं मिल रही है और प्रधानमंत्री किसानों को उर्वरकों का इस्तेमाल कम कर उत्पादकता घटाने पर विवश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की सोसायटियों में 70 फीसदी खाद नहीं पहुंची है। आज चुनाव हो जाएं तो भाजपा साफ पटेल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल है और छत्तीसगढ़ में तो भाजपा के नेता भी सुरक्षित नहीं है, ऐसी हालत में यदि आज चुनाव हो जाएं तो भाजपा छत्तीसगढ़ से बाहर हो जाएगी। पत्रवार्ता में जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष सीमा रितेश, पिंकी बत्रा, पूर्व विधायक शैलेश पांडे, पूर्व मेयर रामशरण यादव, प्रमोद नायक आदि उपस्थित थे।



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