बहू की मौत के 7 दिन बाद सामने आईं गिरीबाला:बोलीं- ट्विशा के परिजन उसकी मौत पर माइलेज बटोर रहे, शहीद की विधवा को अपमानित कर रहे




भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा सुसाइड केस में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की भोपाल न्यायालय से सोमवार को अग्रिम बेल खारिज कर दी गई। इसके बाद उनकी मां और पूर्व जज गिरीबाला सिंह पहली बार मीडिया के सामने आई। उन्होंने मृत बहू और उसके परिजनों के खिलाफ कई बातें कहीं। गिरीबाला सिंह ने बताया कि बहू ट्विशा ने स्वेछा से गर्भपात कराया था। गर्भपात की प्रक्रिया के बाद वह अवसाद में आ गई थी। वह प्रतिदिन 6 से 7 घंटे के लिए कंज्यूमर फोरम में रहती हैं। बेटा समर्थ सिंह भी प्रैक्टिस के लिए कोर्ट में रहता है। इस दौरान बहू घर में अकेली रहती थी। लिहाजा उन्होंने ट्विशा की मां रेखा से कई बार बात की और भोपाल आकर बेटी के साथ रहने की सलाह दी। रेखा ने कभी उनकी बात नहीं मानी। यहां तक कि वह कभी भी भोपाल आई ही नहीं। केवल एक बार बेटे के साथ भोपाल आई, क्योंकि ट्विशा नाराज होकर मायके चली गई थी। उसे छोड़ने के लिए रेखा भोपाल आई थी। खुद प्रपोजल लेकर भोपाल आई थी ट्विशा गिरीबाला सिंह ने बताया कि ट्विशा पिछले साल पहली बार उनके घर आई थी। घर आने के बाद उसने खुद अपनी शादी की बात उनके सामने रखी। बताया था कि समर्थ और उसके बीच प्रेम-प्रसंग है और दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं। पहली बार में ट्विशा बेहद संस्कारी नजर आई थी। इसके बाद वे स्वयं दिल्ली स्थित ट्विशा के घर पहुंची और उसके मां-बाप से समर्थ और उसकी शादी की बात की। शुरुआत में सभी कुछ बेहद सामान्य लग रहा था। पूरा परिवार संस्कारी नजर आता था। उन्हें अंदाजा नहीं था की बहू केवल संस्कारी होने का एक्ट प्ले कर रही है। वह पहले से ही ग्लैमरस फील्ड से थी लिहाजा उसने संस्कारी होने का एक्ट बेहद अच्छी तरह से निभाया। महीने भर में खुलासा हुआ कि ड्रग एडिक्ट है गिरीबाला सिंह ने बताया कि शादी के महीने भर के भीतर उन्हें अंदाजा हो गया था कि बहू किसी नशे की आदी है। अचानक उसके हाथ कांपने लगते थे, मिजाज बेहद चिड़चिड़ा हो जाता था और वह दिल्ली जाने की रट लगाने लगती थी। दिल्ली में उसे आसानी से गांजा मिल जाया करता था। इस लत की जानकारी होने के बाद भी हमने उसका साथ दिया। उसकी काउंसलिंग कराई और नशा छुड़ाने का वादा किया। हर हाल में उसका साथ निभाना का भी वादा किया। मौत के बाद भी सुकून नहीं रिटायर्ड जज ने मीडिया से बातचीत करते हुए आगे बताया कि ट्विशा ग्लैमर की दुनिया से कमाई रकम मां-बाप को सौंपती थी। जॉब से आने वाली रकम का अधिकांश हिस्सा भी उन्हीं पर खर्च किया करती थी। लिहाजा जीते जी तो उसे सुकून मिला नहीं, मौत के बाद भी उसके शव को इतने दिन तक रखकर शांति नहीं मिलने दी जा रही है। परिजन उसकी मौत के नाम पर भी माइलेज लेने की कोशिश कर रहे हैं। शहीद की विधवा का अपमान कर रहे गिरीबाला सिंह ने बताया कि उनका पूरा परिवार देश सेवा में जुटा है। उनका एक बेटा विंग कमांडर तो दूसरा बेटा क्रिमिनल लॉयर है। उनके पति देश सेवा करते हुए शहीद हुए थे। शहीद की विधवा को इस तरह से अपमानित किया जाएगा, उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था। मजबूर होने के बाद उन्हें मीडिया से मुखातिब होना पड़ा है। यह कहते हुए उनकी आंखें छलक पड़ी, उन्होंने कहा कि रसूख वह नहीं ट्विशा का परिवार दिखा रहा है। कोर्ट में आर्मी के साथ आकर उन्हें धमकाया जाता है। इसके बाद अनर्गल आरोप भी उन्हीं पर लगाए जाते हैं। ट्विशा का परिवार जहां चाहे वहां बॉडी का दोबारा पीएम कराए। राज्य सरकार जिस एजेंसी को चाहे मामले की जांच सौंप दे, हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।



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