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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने सोमवार देर शाम लोहिया अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) वार्ड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें वार्ड में कई गंभीर खामियां मिलीं, जिसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को हटाने और उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर हुए इस निरीक्षण में सीएमओ को एनआरसी वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर अनुपस्थित मिले। जांच में यह भी सामने आया कि स्टाफ की लापरवाही के कारण दो बच्चे बिना इलाज कराए और बिना बताए अपने परिजनों के साथ घर चले गए थे। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने पैथोलॉजी से आई जांच रिपोर्ट में भी बड़ी गलती पाई। रिपोर्ट में दो पुरुष बच्चों को महिला दर्शाया गया था। इस गंभीर त्रुटि पर सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने डॉ. जगमोहन शर्मा से कड़ी नाराजगी व्यक्त की और पैथोलॉजी इंचार्ज सहित एक अन्य कर्मचारी को फटकार लगाई। सीएमओ ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पैथोलॉजी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद स्टाफ नर्सों सहित कुल छह कर्मचारियों (पुरुष और महिला स्टाफ नर्सों) को तत्काल हटाने की बात कही। इनमें सौरभ सक्सेना, रीना चौहान और आलोक कुमार का वेतन भी रोक दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि अन्य तीन स्टाफ नर्सों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने एनआरसी वार्ड के इंचार्ज डॉ. विवेक सक्सेना के खिलाफ भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएमओ ने लैब में हुई ‘ब्लंडर मिस्टेक’ पर जोर देते हुए लैब इंचार्ज के खिलाफ भी सीएमएस को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ ने लगभग डेढ़ घंटे तक पोषण पुनर्वास केंद्र के अभिलेखों की गहनता से जांच की। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर वे भर्ती बच्चों की हिस्ट्री लेने आए थे, जहां उन्हें ये कमियां मिलीं।
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सीएमओ ने एनआरसी वार्ड में खामियां पाईं:स्टाफ को हटाने के निर्देश, दो बच्चों को परिजन बिना बताए घर ले गए थे















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