फार्मर आईडी नहीं बनने से खाद के लिए परेशान किसान:विधायक ने मैन्युअल ई-टोकन की मांग की, कलेक्टर ने दिया आश्वासन




खरगोन जिले में हजारों वन पट्टाधारी किसान फार्मर आईडी नहीं बनवा पा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें रासायनिक खाद नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को लेकर भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी ने मंगलवार को कलेक्टर भव्य मित्तल से मुलाकात की। दोपहर करीब 1.30 बजे विधायक सोलंकी ने परेशान किसानों के साथ कलेक्टर को स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने खरीफ की बुवाई से पहले खाद का उठाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल किसानों को मैन्युअल ई-टोकन जारी करने की मांग की। कलेक्टर ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान अशोक सिसोदिया, मोहन वास्कले, शिवराम पटेल, जालसिंह सरपंच, भग्गू हरेसिंह, चन्दरसिंह सरपंच, अनिल वास्कले और मंगल सिंह सहित कई पट्टाधारी किसान मौजूद रहे।
विधायक ने बताया कि जिलेभर में वन पट्टाधारी किसानों के ई-टोकन जनरेट नहीं हो रहे हैं, जिससे उन्हें रासायनिक खाद नहीं मिल पा रहा है। पाडल्या और चिरिया सोसाइटी में लगभग 7000 किसान ऐसे हैं, जिनके ई-टोकन नहीं बने हैं, और इस वजह से वे खाद से वंचित हैं। यह समस्या शासन स्तर से लागू की गई रासायनिक खाद की नई ई-टोकन व्यवस्था के कारण उत्पन्न हुई है। नए नियम के अनुसार, ई-टोकन केवल उन्हीं किसानों को जारी किए जा रहे हैं जिनके पास कृषि भूमि की पावती या बी-वन खसरा उपलब्ध है। वन पट्टाधारी किसानों के पास ये दस्तावेज नहीं होते हैं। किसानों ने कलेक्टर से गर्मी में पेयजल और गर्मी की फसल लगाने के लिए बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना तथा झिरन्या उद्वहन परियोजना से शीघ्र पानी छोड़ने की भी मांग की।



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