सनी गुप्ता | संभल5 घंटे पहले
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संभल के गंगा एक्सप्रेसवे के पास स्थित एक निजी ट्रॉमा सेंटर में सोमवार देर रात 6 साल के बच्चे के इलाज को लेकर विवाद हो गया। इलाज और भर्ती प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और मरीज के परिजनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह घटना जनपद संभल के बहजोई थाना कस्बा क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, थाना बबराला क्षेत्र के गांव बसंतपुर डांडा निवासी एक छह वर्षीय बच्चा कुछ दिन पहले बाइक की टक्कर में घायल हो गया था। परिजनों ने पहले उसका इलाज बबराला के एक निजी अस्पताल में कराया था।

बच्चे की हालत में सुधार न होने और शारीरिक दिक्कतें बढ़ने पर चिकित्सकों ने उसे बहजोई क्षेत्र में गांव लहरावन के पास स्थित निजी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। बच्चे को रविवार शाम ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था।
सोमवार रात को तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और अस्पताल परिसर में मारपीट होने लगी। इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और अन्य मरीजों व उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई।
ट्रॉमा सेंटर के सीईओ की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग जबरन अस्पताल में घुस आए और स्टाफ के साथ मारपीट की। वहीं, बच्चे के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ मरीज को जबरन भर्ती रखे हुए था और विरोध करने पर तीमारदारों के साथ मारपीट की गई।

बच्चे के चाचा हिमांशु शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके साथ अस्पताल परिसर में बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी आंख और पीठ पर चोटें आई हैं। परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। तीमारदारों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि अस्पताल स्टाफ की शिकायत पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर 151 में चालान कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद समेत करीब पांच अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
















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