गोरखपुर में एक हफ्ते में डायरिया के पेशेंट दोगुने हुए:डॉक्टर बोले- बढ़ती गर्मी में बिगड़ रही सेहत, खानपान का रखना होगा ध्यान




गोरखपुर में बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप का असर लोगों सेहत पर सीधा पड़ रहा है। डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के इमर्जेंसी वार्ड में डायरिया के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। डॉ. दिनेश कुमार सिंह के अनुसार सामान्य दिनों में जहां एक दिन में औसतन 8-10 मरीज इस समस्या के आते थे तो पिछले एक हफ्ते में यह संख्या बढ़ कर सीधे 18-20 हो गई है। जिनमें से एक या दो गंभीर भी होते हैं। उन्हें एडमिट करके इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि इमर्जेंसी में आने वाले मरीजों में बच्चों से ज्यादा बड़े शामिल हैं। वहीं डॉक्टर बीके सुमन ने बताया कि डायरिया की समस्या ज्यादातर दूषित या तला भुना खाने से हो जाता है। बदलते मौसम में खानपान का सबसे ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। तेज धूप और गर्मी की वजह से पाचनक्रिया खराब हो जाती है। ऐसे में हल्का खाना ही खाना चाहिए। साथ ही खुद को हाइड्रेटेड रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। उन्होंने बताया कि डायरिया होने पर बार-बार पतला और पानी जैसा दस्त होता है। पेट में ऐंठन और दर्द होने लगता है। दस्त रोकने में असमर्थता या अचानक से तेज दबाव महसूस होना। पेट खराब होने के कारण उबकाई आना या उल्टी होने लगता है। सामान्य डायरिया के यही लक्षण होते हैं। वहीं कई मामलों में हल्का बुखार और ठंड लगना, मल के साथ खून (ब्लडी स्टूल) या सफेद चिपचिपा पदार्थ आना, गैस से पेट फूलना और भूख कम लगने जैसी समस्या होती है। इस तरह रखें खुद का खयाल डॉक्टर ने बताया कि बढ़ती गर्मी में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और पेट की समस्याओं से बचने के लिए हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें। अपनी डाइट में पानी से भरपूर फल और ठंडी तासीर वाली चीजों जैसे- छाछ, नींबू पानी और सलाद को शामिल करें, जबकि भारी और मसालेदार खाने से बचें। प्यास न होने पर भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें। सादे पानी के अलावा नारियल पानी या ओआरएस (ORS) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लिक्विड डाइट में नींबू पानी, शिकंजी, छाछ (मट्ठा), और बेल का शर्बत लेना चाहिए। यह शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं। डाइट में शामिल करें ये चीजें डॉक्टर के मुताबिक पानी वाले फल- तरबूज, खरबूजा, संतरा और पपीता जैसे मौसमी फल खाएं, जिनमें पानी और विटामिन की मात्रा भरपूर होती है। खीरा, ककड़ी और टमाटर को अपने भोजन में जरूर शामिल करें, जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। दही और रायता पेट को ठंडा रखने और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में बहुत फायदेमंद है। किन चीजों से करें परहेज तला-भुना और मसालेदार खाना समोसे, पकोड़े, या ज्यादा मसालेदार सब्जियां खाने से बचें, क्योंकि ये शरीर में गर्मी और एसिडिटी बढ़ाते हैं। गर्मी में खाना बहुत जल्दी खराब होता है। हमेशा ताजा और घर का बना खाना ही खाएं। बासी खाने से बचें। बाहर के कटे हुए फल या खुले में बिकने वाले जूस पीने से बचें, इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। एक बार में भारी खाना खाने के बजाय, दिनभर में थोड़े-थोड़े अंतराल पर छोटे मील लें। खाना सुरक्षित रखें- बचे हुए खाने को तुरंत फ्रिज में रखें। बाहर का खाना (दूध, दही, मांस और अन्य) 2 घंटे से ज्यादा धूप या सामान्य तापमान में न छोड़ें। चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) कर सकता है, इसलिए इनसे बचें।



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