सीहोर में 605 बच्चे गंभीर कुपोषित:पोषण ट्रैकर ऐप में फर्जी एंट्री का आरोप; अस्पताल में बांटी गईं पोषण टोकरियां




सीहोर जिला अस्पताल में महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग ने ‘एक कदम सुपोषण की ओर’ अभियान के तहत बच्चों को पोषण टोकरियां बांटीं। प्रशासन इन आयोजनों से सुपोषण का दावा कर रहा है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 605 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) हैं। पोषण ट्रैकर ऐप पर दर्ज किए जा रहे आंकड़ों और अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर सामने आया है। केंद्र सरकार के ‘पोषण ट्रैकर ऐप’ पर आंगनवाड़ियों द्वारा बच्चों के वजन और ऊंचाई की दर्ज की जा रही प्रविष्टियों पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि लक्ष्य पूरा करने के लिए ऐप पर आंकड़े मनगढ़ंत तरीके से भरे जा रहे हैं। जब ये बच्चे अस्पताल पहुंचते हैं, तो कुपोषण की वास्तविक स्थिति सामने आती है। ऐप पर ‘सामान्य’ या ‘कम कुपोषित’ दर्ज होने वाले कई बच्चे जांच में गंभीर तीव्र कुपोषित श्रेणी के पाए जाते हैं। संसाधनों की कमी और कर्मचारियों पर दबाव
जमीनी अमले पर पोषण ट्रैकर ऐप में शत-प्रतिशत एंट्री करने का भारी दबाव रहता है। कर्मचारियों के पास न तो ठीक से काम करने वाले मोबाइल फोन हैं और न ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क मिलता है। इसी कारण ऐप के कागजों पर बच्चे सुपोषित नजर आ रहे हैं, जबकि हकीकत में जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) आज भी कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित बच्चों से भरे हुए हैं। 605 बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सीहोर जिले में चिह्नित 605 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को तत्काल विशेष पोषण और चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐप के आंकड़ों में पारदर्शिता लाने और दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित राशन व इलाज पहुंचाने की जरूरत है। केवल अस्पताल में कुछ टोकरियां बांटकर कुपोषण की इस गंभीर स्थिति से नहीं निपटा जा सकता। स्वास्थ्य में सुधार के लिए बांटी जा रहीं टोकरियां
सीहोर महिला बाल विकास विभाग का कहना है कि ‘एक कदम सुपोषण की ओर’ अभियान के अंतर्गत समय-समय पर पोषण टोकरियां वितरित की जा रही हैं। शहरी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बीएल मालवीय ने बताया कि, “कार्यक्रम में कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार और पोषण स्तर बेहतर करने के लिए पोषण टोकरियां बांटी गई हैं। इस दौरान बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।” कार्यक्रम में ग्रामीण सीडीपीओ प्रियंका दीवान सहित दोनों विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।



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