रिश्तों और भावनाओं का संतुलन दिखाएगी फिल्म ‘बैलेंस’:बदलते दौर में परिवार, अपनापन और नई सोच की कहानी लेकर आएगी इंदौर में बन रही हिंदी फिल्म




आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कैरियर, सफलता और आधुनिक जीवनशैली की दौड़ में इतने व्यस्त हो गए हैं कि रिश्तों की गर्माहट और परिवार के लिए समय धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। ऐसे समय में दर्शकों को वही कहानियां सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं, जिनमें उन्हें अपने जीवन और परिवार की झलक दिखाई दे। इन्हीं भावनाओं और रिश्तों के बदलते समीकरणों को संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारने जा रही है आगामी हिंदी फिल्म बैलेंस। गुरुवार को फिल्म की टीम ने मीडिया से बातचीत कर फिल्म की कहानी, उद्देश्य और निर्माण से जुड़ी कई खास जानकारियां साझा कीं। पारिवारिक मूल्यों और आधुनिक सोच के बीच संघर्ष इंदौर के लेखक-निर्देशक प्रवेश व्यास द्वारा निर्देशित फिल्म ‘बैलेंस’ एक मध्यमवर्गीय परिवार की भावनात्मक कहानी है। फिल्म में पिता और बेटे के रिश्ते को बेहद सरल, संवेदनशील और वास्तविक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। कहानी आधुनिक जीवनशैली और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के बीच पैदा हो रहे टकराव को दिखाती है। साथ ही यह रिश्तों में संवाद, समझदारी और अपनत्व की अहमियत को भी उजागर करती है। इंदौर की प्रतिभाओं को मिला बड़ा अवसर फिल्म की एक खास बात यह भी है कि इसमें इंदौर और आसपास के कई स्थानीय कलाकारों को अभिनय का अवसर दिया गया है। इससे शहर की उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मंच मिलेगा। फिल्म की शूटिंग भी इंदौर के विभिन्न हिस्सों में की जा रही है, जिससे शहर की संस्कृति, पारिवारिक माहौल और स्थानीय जीवनशैली की झलक दर्शकों को बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी। ‘बैलेंस’ केवल मनोरंजन नहीं, रिश्तों का संदेश भी फिल्म की निर्माता रुचिता मेहता व्यास ने बताया कि ‘बैलेंस’ सिर्फ मनोरंजन तक सीमित फिल्म नहीं है, बल्कि यह रिश्तों को समझने और उन्हें सहेजने का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में परिवार, प्यार, समझदारी और बदलते समय के बीच तालमेल को बेहद सहज और वास्तविक तरीके से दिखाया गया है, जिससे हर आयु वर्ग का दर्शक खुद को कहानी से जोड़ पाएगा। भारतीय संस्कृति बनाम आधुनिक सोच निर्देशक प्रवेश व्यास के अनुसार यह फिल्म पश्चिमी प्रभाव और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में इंदौर की संस्कृति और भावनात्मक रिश्तों को बारीकी से उकेरा गया है। उनका मानना है कि यह फिल्म दर्शकों को अपने परिवार और रिश्तों के महत्व को नए नजरिए से समझने के लिए प्रेरित करेगी। अलग अंदाज में दिखेंगे रोहिताश्व गौड़ फिल्म में अभिनेता रोहिताश्व गौड़ पिता की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म की कहानी और भावनात्मक गहराई ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। रोहिताश्व ने बताया कि लंबे समय तक हास्य भूमिकाएं निभाने के कारण दर्शकों ने उन्हें एक खास छवि में देखना शुरू कर दिया था, लेकिन ‘बैलेंस’ के जरिए वे अपने अभिनय का अलग पक्ष दर्शकों के सामने लाना चाहते हैं। उनके मुताबिक फिल्म रिश्तों और भावनाओं को बेहद सच्चाई के साथ प्रस्तुत करती है। इंदौर के राघव श्रीवास्तव की पहली फीचर फिल्म फिल्म में बेटे की भूमिका निभा रहे राघव श्रीवास्तव के लिए ‘बैलेंस’ पहली फीचर फिल्म है। इंदौर निवासी राघव ने बताया कि उन्होंने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी और बाद में विज्ञापनों व अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए सीखने का शानदार अवसर रहा और यह फिल्म उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी। जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म बैलेंस की शूटिंग फिलहाल इंदौर में जारी है। फिल्म का लेखन और निर्देशन प्रवेश व्यास ने किया है, जबकि इसकी निर्माता रुचिता मेहता व्यास हैं। मेकर्स के अनुसार फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। परिवार, रिश्तों और जीवन के वास्तविक संतुलन को दर्शाती यह फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास करेगी।



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